देहरादून। उत्तराखंड के सभी जिलों में शुक्रवार को 79वां स्वतंत्रता दिवस हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। जगह-जगह राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रम आयोजित हुए। प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे सीमांत क्षेत्र धराली, हर्षिल और मुखवा में भी देशभक्ति की भावना चरम पर रही, जहां स्वतंत्रता दिवस सादगी के साथ मनाया गया।
धराली, हर्षिल और मुखवा में शुक्रवार सुबह 9 बजे ध्वजारोहण के साथ राष्ट्रगान गाया गया। आपदा राहत कार्यों में जुटे कर्मियों, पुलिस बल, आईटीबीपी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवान भी इस अवसर पर शामिल हुए। आपदा प्रभावित इन क्षेत्रों में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में शांति, समृद्धि और पुनर्निर्माण के संकल्प के साथ सभी ने एकजुट होकर क्षेत्र को फिर से संवारने का वादा किया। इस अवसर पर गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल, तहसीलदार सुरेश सेमवाल सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।
चमोली जिले के प्रभारी मंत्री और राज्य के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा परिसर में ध्वजारोहण किया। राष्ट्रगान के बाद उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और अमर शहीदों के साहस, त्याग और बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं के रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, देशभक्ति गीतों, लोकनृत्यों और नाट्य मंचनों ने माहौल को भावुक और गर्व से भर दिया।
नैनीताल जिले के हल्द्वानी में भी स्वतंत्रता दिवस का जश्न उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह साढ़े छह बजे नगर के गणमान्यजनों और स्कूली बच्चों की ओर से प्रभात फेरी निकाली गई, जो बाज़ार क्षेत्र से होती हुई ऐतिहासिक शहीद चौक तक पहुंची। यहां नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम के महापौर गजराज सिंह बिष्ट ने झंडारोहण किया। नगर आयुक्त रिचा सिंह भी इस अवसर पर मौजूद रहीं।








