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उत्तराखंड पंचायत चुनाव: द्वितीय चरण में 70% मतदान, महिलाओं में उत्साह अधिक

देहरादून। उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के द्वितीय व अंतिम चरण का मतदान सोमवार को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो गया। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस चरण में कुल 70 प्रतिशत मतदाताओं ने लोकतंत्र के इस पर्व में भागीदारी निभाई। उल्लेखनीय है कि इस चरण का मतदान राज्य के 10 जनपदों के 40 विकास खंडों में संपन्न हुआ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार द्वितीय चरण में 65.50 प्रतिशत पुरुष तथा 74.50 प्रतिशत महिलाएं मतदान में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि मतदान के प्रति जनता का जोश यह दर्शाता है कि आमजन में लोकतंत्र के प्रति गहरा विश्वास बना हुआ है।

सुशील कुमार ने निर्वाचन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने में जुटे सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षा बलों एवं स्थानीय प्रशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण चुनाव कराना एक बड़ी चुनौती थी, जिसे सभी ने मिलकर कुशलता से निभाया।

इससे पूर्व प्रथम चरण का मतदान राज्य के 12 जिलों के 49 विकास खंडों में सम्पन्न हुआ था, जिसमें भी मतदाताओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक पूरे राज्य में पंचायत चुनाव तीन स्तरीय ढांचे—ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के लिए कराए जा रहे हैं।

मतदान केन्द्रों पर सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें देखी गईं, विशेष रूप से महिलाएं और बुजुर्ग मतदाता बढ़-चढ़कर मतदान करते दिखे। चुनाव को लेकर युवाओं में भी खासा उत्साह देखा गया। कई स्थानों पर मतदाताओं को फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया और कुछ जगहों पर पहली बार मतदान करने वालों को सम्मानित भी किया गया।

चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। पूरे मतदान क्षेत्र की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की गई।

31 जुलाई को मतगणना

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना आगामी 31 जुलाई को की जाएगी। इसके बाद विजयी प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे और स्थानीय स्तर पर नई पंचायतों का गठन होगा। आयोग का कहना है कि मतगणना पारदर्शी एवं निष्पक्ष ढंग से सम्पन्न कराई जाएगी, जिसके लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

राज्य में पंचायत चुनाव को लेकर लोगों में जिस प्रकार का उत्साह देखने को मिला, वह लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत है। महिला मतदाताओं की अधिक भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक जागरूकता तेजी से बढ़ रही है।

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