रुड़की। उत्तराखंड राज्य गठन के मूल उद्देश्यों और जनआंदोलन की भावना को लेकर **उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी)** ने एक बार फिर सरकारों पर तीखा हमला बोला है। संगठन विस्तार को लेकर रुड़की में आयोजित एक प्रेस वार्ता में **उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती** ने कहा कि उत्तराखंड क्रांतिकारी शहीदों के बलिदान से बना राज्य है, लेकिन राज्य गठन के बाद आई सरकारें आंदोलन के सपनों को साकार करने में पूरी तरह विफल रही हैं।
उन्होंने कहा कि दशकों तक चले आंदोलन में राज्य की माताओं, बहनों, बेटियों और युवाओं ने भारी कुर्बानियां दीं, लेकिन सत्ता में आने के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने केवल सत्ता बचाने और बनाए रखने का काम किया। परिणामस्वरूप आज भी **जल, जंगल, जमीन, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाएं और पहाड़ों से पलायन** जैसे बुनियादी मुद्दे जस के तस बने हुए हैं।
सुरेंद्र कुकरेती ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है और सत्ता के लिए समाज को आपस में लड़ाने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर चिंता जताते हुए कहा कि अत्याचारियों को बचाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड क्रांति दल सत्ता में आने पर **महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष कानून** बनाएगा और किसी भी अपराध की स्थिति में पीड़ित को तुरंत कानूनी सहायता दी जाएगी।
हरिद्वार जनपद से जुड़े सवालों पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सीमा में रहने वाला हर व्यक्ति उत्तराखंडी है और सभी को समान अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि राज्य के उद्योगों में **70 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का शासनादेश** उत्तराखंड क्रांति दल की पहल पर ही लागू हुआ था, लेकिन उसका पूर्ण पालन नहीं हुआ। यूकेडी की सरकार बनने पर इसे सख्ती से लागू किया जाएगा। इसके अलावा किसानों को **गन्ने का सर्वोच्च मूल्य** और **सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली** देने की भी घोषणा की गई।
इस अवसर पर संगठन को मजबूत करते हुए **दीपक लाखवान को जिला रुड़की का अध्यक्ष नियुक्त** किया गया। कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दीपक लाखवान को बधाई दी और संगठन को नई ऊर्जा देने की उम्मीद जताई।








