देहरादून। उत्तराखंड के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। इसी क्रम में भारतीय स्टेट बैंक के पूर्व निवेश सलाहकार Jitendra Kumar Dandona ने बजट में किए गए शहरी विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रावधानों को महत्वपूर्ण बताया है। उनका मानना है कि इन योजनाओं से राज्य में विकास की गति तेज होगी और पलायन की समस्या को कम करने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट की सबसे बड़ी विशेषता शहरी विकास के लिए 1814 करोड़ रुपये का प्रावधान है। उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का महत्वपूर्ण योगदान है, इसलिए बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से शहरों के आधुनिकीकरण और सुनियोजित विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।
डंडोना ने बताया कि स्मार्ट सिटी योजना और शहरों के सुव्यवस्थित विकास के लिए 30 करोड़ रुपये का आवंटन किया जाना एक सकारात्मक कदम है। इससे शहरों की आधारभूत सुविधाओं में सुधार होगा और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने बजट में स्ट्रीट फूड हब विकसित करने की घोषणा को भी स्वागत योग्य बताया। उनके अनुसार इससे स्थानीय युवाओं को छोटे स्तर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे और स्वरोजगार को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके साथ ही सरकार द्वारा बागवानी और अन्य स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा देने की पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं।
पूर्व निवेश सलाहकार ने कहा कि प्रदेश के प्रमुख शहरों को जोड़ने के लिए सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की योजना भी बजट की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इससे परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी और पर्यटन के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे , स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं का पलायन काफी हद तक कम किया जा सकेगा।








