नई दिल्ली, लोकसभा में बजट सत्र के दसवें दिन मंगलवार को भारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। विपक्षी दल कांग्रेस के सांसदों ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने की अनुमति दिए जाने की मांग को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। साथ ही लोकसभा से निलंबित किए गए आठ सांसदों का मुद्दा भी विपक्ष ने प्रमुखता से उठाया।
सुबह 11 बजे जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, पीठासीन अधिकारी पी.सी. मोहन ने सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ाया। प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के कैराना लोकसभा क्षेत्र से सांसद इकरा हसन को प्रश्न पूछने के लिए आमंत्रित किया। सांसद इकरा हसन ने उत्तर प्रदेश में सहकारी डेयरी परियोजनाओं से जुड़ा सवाल उठाया और सरकार से इस योजना की प्रगति पर जानकारी मांगी।
इसी दौरान विपक्षी सांसद अपनी सीटों से खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस सांसदों ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं की अनदेखी की जा रही है और विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है। राहुल गांधी को सदन में बोलने का अवसर न दिए जाने पर कांग्रेस सांसदों ने कड़ा विरोध जताया।
हंगामा लगातार बढ़ता गया, जिससे प्रश्नकाल की कार्यवाही बाधित हो गई। विपक्षी सांसद वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। सदन में बढ़ते शोर-शराबे और अव्यवस्था को देखते हुए पीठासीन अधिकारी पी.सी. मोहन ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया, लेकिन शोर थमने का नाम नहीं लिया।
हालात सामान्य न होने पर पीठासीन अधिकारी ने लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की। कार्यवाही स्थगित होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और गहरा होता दिखाई दिया।
गौरतलब है कि बजट सत्र के दौरान लगातार हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है, जिससे महत्वपूर्ण विधायी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। आने वाले समय में सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनती है या नहीं, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।








