लखनऊ, उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ 35 लाख रुपये का विशाल बजट विधानसभा में पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को सदन में बजट प्रस्तुत करते हुए इसे प्रदेश के समग्र विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार और सामाजिक क्षेत्र को मजबूती देने वाला बजट बताया।
यह बजट पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है, जो राज्य की बढ़ती आर्थिक क्षमता और विकास की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। खास बात यह है कि इस बजट में पूंजीगत व्यय का हिस्सा 19.5 प्रतिशत रखा गया है, जिससे स्पष्ट है कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर और दीर्घकालिक विकास परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दे रही है।
शिक्षा क्षेत्र को कुल बजट का 12.4 प्रतिशत आवंटित किया गया है, जबकि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 6 प्रतिशत राशि निर्धारित की गई है। सरकार का दावा है कि इससे प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सुविधाओं में और सुधार होगा।
कृषि एवं सम्बद्ध सेवाओं के लिए कुल बजट का 9 प्रतिशत हिस्सा तय किया गया है। इससे किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जाएगा।
इस बजट में 43 हजार 565 करोड़ 33 लाख रुपये की नई योजनाएं भी शामिल की गई हैं। सरकार का कहना है कि ये योजनाएं युवाओं को रोजगार, महिलाओं को सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास को गति देने में सहायक होंगी।
कुल मिलाकर यह बजट विकास, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण को संतुलित रूप से आगे बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इन घोषणाओं का जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव पड़ता है।








