संदीप मिश्रा
मांडर। झारखंड की पारंपरिक संस्कृति और लोक आस्था का प्रतीक राजकीय ऐतिहासिक मुड़मा जतरा मेला शुक्रवार को धूमधाम के साथ आरंभ हुआ। मांडर विधायक एवं राज्य की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने इस दो दिवसीय मेले का उद्घाटन किया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक खूँटा पूजन के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण शामिल हुए।
उद्घाटन के अवसर पर भाजपा युवा नेता सन्नी टोप्पो भी मंच पर मौजूद रहे। आयोजन समिति की ओर से मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की का शॉल ओढ़ाकर और पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मान किया गया।
झारखंड ही नहीं, कई राज्यों से पहुंचे व्यापारी
इस ऐतिहासिक जतरा मेले में झारखंड के अलावा बिहार, बंगाल, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, असम और नेपाल से भी व्यापारी पहुंचे हैं। मेले में पारंपरिक हस्तशिल्प, लोहे के हथियार, कंबल और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की अनेक दुकानें सजी हैं। बंगाल से आए मछली पकड़ने के जालों की दुकानों पर विशेष भीड़ देखी जा रही है।
मनोरंजन और उत्सव का संगम
जतरा स्थल पर खेल-तमाशा, मौत का कुआं, डांसिंग झूला और मेला की पारंपरिक मिठाई गन्ना (केतारी) की दुकानों ने उत्सव का रंग और गाढ़ा कर दिया है। लोगों में इस वर्ष मेले को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
धार्मिक और सामाजिक आस्था का प्रतीक
धर्म गुरु बंधन तिग्गा ने जानकारी दी कि पारंपरिक विधि-विधान के साथ दो दिवसीय मुड़मा जतरा की शुरुआत सोमवार को की गई। यह जतरा क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक माना जाता है।
मौके पर जिला परिषद सदस्य एतवारी उरांव, जगराम उरांव, प्रखंड प्रमुख फिलिप सहाय एक्का, उप प्रमुख अमानत अंसारी, जमील मालिक, पूर्व जिला परिषद सदस्य सुनील उरांव, अनिल उरांव, जतरू उरांव, बंधन उरांव, शिव उरांव सहित हजारों लोग उपस्थित रहे।
दो दिवसीय यह राजकीय मेला न केवल व्यापार का केंद्र बन गया है, बल्कि ग्रामीण परंपरा, संस्कृति और लोक मनोरंजन का अद्भुत संगम भी पेश कर रहा है।








