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राजरप्पा से चोरी कर मायल गांव में छुपाया गया ट्यूबलर पोल! महिलाएं और संदिग्ध कनेक्शन से उठे कई सवाल

राजरप्पा (रामगढ़),: सीसीएल राजरप्पा क्षेत्र में चोरी की बढ़ती घटनाओं के बीच आज सुबह एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी।  सीसीएल की सुरक्षा टीम ने **मायल गांव** में छापामारी कर चोरी के भारी मात्रा में सामान को जब्त किया। यह कार्रवाई उस गुप्त सूचना के बाद की गई जिसमें बताया गया था कि राजरप्पा प्रोजेक्ट से **ट्यूबलर पोल और लोहे का सामान चोरी** कर एक गांव में छिपाया जा रहा है।

सुरक्षा अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मायल गांव के एक घर से **लगभग 500 किलोग्राम ट्यूबलर पोल** और अन्य लोहे के सामान को बरामद किया। यह सामान राजरप्पा थाना को सुपुर्द कर दिया गया है।

तीन महिलाएं हिरासत में, पूछताछ में उगले राज

मौके पर तीन महिला निवासी पाई गईं, जिन्होंने प्रारंभ में किसी भी चोरी में संलिप्तता से इनकार किया। लेकिन जब उनसे सख्ती से पूछताछ की गई, तो उन्होंने कबूल किया कि यह सारा कार्य **मायल गांव निवासी सलीम अंसारी** के कहने पर किया जा रहा था। बताया गया कि यह चोरी **स्व. अनवर के पुत्र सज्जाद के घर** से की जा रही थी।

इन महिलाओं ने खुद को **पश्चिम बंगाल निवासी** बताया, लेकिन स्थानीय लोगों में यह आशंका भी है कि ये **बांग्लादेशी अवैध प्रवासी** हो सकती हैं। पुलिस को इस दिशा में भी गंभीरता से जांच करने की जरूरत है।

सुरक्षा अधिकारी का बयान और लगातार हो रही चोरी की घटनाएं

राजरप्पा क्षेत्र के **सुरक्षा अधिकारी श्री आशीष झा** ने जानकारी दी कि पिछले कुछ महीनों में चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं। सुरक्षा टीम द्वारा नियमित रूप से गश्ती और निगरानी की जा रही है ताकि इस तरह की गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। इस घटना को लेकर **राजरप्पा थाना में एफआईआर** दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया है।

प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल

सीसीएल राजरप्पा क्षेत्र के **महाप्रबंधक श्री कल्याणजी प्रसाद** ने स्थानीय पुलिस से सख्त और त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा, “चोरी की कई घटनाओं में एफआईआर दर्ज की गई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही है। यह न केवल कंपनी को आर्थिक नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि यह **राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा** के लिए भी खतरा बनती जा रही है।”

अवैध प्रवासियों की भूमिका पर गहराया संदेह

इस घटना से एक और गंभीर सवाल उठ खड़ा हुआ है — मायल गांव में रह रहे कई **अज्ञात परिवार**, जो खुद को पश्चिम बंगाल का निवासी बताते हैं, पर **अवैध बांग्लादेशी प्रवासी** होने की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस को इस पहलू की भी गंभीरता से जांच करनी चाहिए, ताकि किसी बड़ी साजिश को समय रहते रोका जा सके।

राजरप्पा प्रोजेक्ट की संपत्ति की लगातार हो रही चोरी केवल स्थानीय अपराध नहीं, बल्कि एक **राष्ट्रीय संसाधन पर हमला** है। इस दिशा में सख्त कदम उठाना अब ज़रूरी हो गया है।

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