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जर्मनी में ट्रेन हादसा: पटरी से उतरी क्षेत्रीय ट्रेन, तीन की मौत, बारिश और भूस्खलन पर उठे सवाल

रीडलिंगन (Riedlingen), बाडेन-वुर्टेमबर्ग ।  एक दुखद हादसे में एक क्षेत्रीय पैसेंजर ट्रेन के पटरी से उतरने के कारण तीन लोगों की मौत हो गई और दर्जनों यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा शाम लगभग 6:10 बजे हुआ, जब ट्रेन सिग्मरिंगेन (Sigmaringen) से उल्म (Ulm) की ओर जा रही थी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन में करीब 100 यात्री सवार थे। अचानक दो डिब्बे पटरियों से फिसल कर नजदीकी झाड़ियों में जा गिरे। यह दुर्घटना एक घने वन क्षेत्र के पास हुई, जहाँ हाल के दिनों में मूसलधार बारिश के कारण ज़मीन की स्थिति पहले से ही कमजोर हो चुकी थी। ट्रेन का एक डिब्बा पूरी तरह पलट गया, जबकि एक अन्य डिब्बा पेड़ों के बीच फँस गया। घटनास्थल की तस्वीरों में क्षतिग्रस्त डिब्बों की भयावह स्थिति साफ देखी जा सकती है—एक डिब्बे की छत तक टूट चुकी थी।

प्राकृतिक कारणों की जांच

स्थानीय प्रशासन और रेलवे अधिकारियों ने आशंका जताई है कि यह हादसा भारी बारिश और संभावित भूस्खलन का परिणाम हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, बीते 72 घंटों में इस इलाके में सामान्य से तीन गुना अधिक वर्षा हुई है, जिससे मिट्टी की पकड़ कमजोर हो गई थी।

रेलवे प्रवक्ता ने बताया कि पटरियों के निरीक्षण का काम कुछ दिन पहले ही किया गया था, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण ट्रैक के नीचे की मिट्टी धंसने की आशंका बनी रही।

राहत और बचाव कार्य

घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए गए। पुलिस, दमकल विभाग और मेडिकल टीमों ने मौके पर पहुँच कर घायलों को पास के अस्पतालों में पहुँचाया। गंभीर रूप से घायल करीब 15 यात्रियों को एयर एंबुलेंस के ज़रिए उल्म विश्वविद्यालय अस्पताल भेजा गया।

स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों ने भी बचाव कार्य में मदद की। जर्मन चांसलर और परिवहन मंत्री ने इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है।

जवाबदेही और भविष्य की योजना

इस हादसे ने रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा और मौसम की चरम परिस्थितियों में ट्रेन संचालन की नीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को ध्यान में रखते हुए रेलवे ट्रैक की डिज़ाइन और निगरानी प्रणालियों को और अधिक उन्नत और संवेदनशील बनाने की ज़रूरत है।

रेलवे ने हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं और अगले कुछ दिनों में विस्तृत रिपोर्ट सामने आने की उम्मीद है।

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