देहरादून। वार्ड 12 कृष्णा नगर, देहरादून में 8 फरवरी को आयोजित विशाल हिंदू सम्मेलन में सैकड़ों की संख्या में हिंदू परिवारों ने भाग लेकर सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का परिचय दिया। सम्मेलन का उद्देश्य समाज में जागरूकता बढ़ाना, सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण करना और सामाजिक समरसता को सशक्त बनाना रहा।
हिंदू सम्मेलन के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संपर्क प्रमुख आदरणीय तपन भाई साहब रहे। अपने संबोधन में उन्होंने प्रत्येक हिंदू को अपने जीवन में “पंच परिवर्तन” अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, स्व-आधारित जीवनशैली और नागरिक कर्तव्यबोध—ये पांच परिवर्तन यदि समाज में आत्मसात हो जाएं, तो भारत को विश्व शक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता।
तपन भाई ने नारी शक्ति की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि एक नारी केवल एक नहीं, बल्कि दो परिवारों को शिक्षित करती है। उन्होंने माताओं और बहनों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को भारतीय संस्कृति, संस्कार, बोली और भाषा से जोड़ें तथा घर में अपनी मातृभाषा में संवाद करें। इससे भावी पीढ़ी में सांस्कृतिक चेतना मजबूत होगी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में टपकेश्वर महादेव मंदिर के महंत आदरणीय कृष्ण गिरी महाराज ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने हिंदू समाज से जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान किया और कहा कि सामाजिक एकता ही समाज की सबसे बड़ी शक्ति है।
सम्मेलन की अध्यक्षता पूर्व प्रधानाचार्य आर्य कन्या गुरुकुल की श्रीमती अन्नपूर्णा जी ने की, जबकि कार्यक्रम का सफल संचालन श्री अनिल डबराल और विशाल जिंदल द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े हाथ के हुनरबंद कारीगरों—जैसे नाई, कुम्हार, बढ़ई, प्लंबर, पेंटर, इलेक्ट्रीशियन एवं पर्यावरण मित्रों को सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में कनक कला केंद्र के बच्चों ने मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समापन अवसर पर श्रीमती वीना सूद के नेतृत्व में राधा कृष्ण मंदिर कीर्तन मंडली द्वारा भव्य राम आरती का आयोजन किया गया, जिसमें समस्त हिंदू समाज ने सहभागिता की।
इस अवसर पर सहसंयोजक आरके जैन, संजय अग्रवाल, सिद्धार्थ खंडेलवाल, आशीष कौशिक, अंकित जोशी, पार्षद नंदिनी शर्मा, कंचन ठाकुर सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।








