उत्तराखंड की 5 जल विद्युत परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन का किया अनुरोध
नई दिल्ली, 15 जुलाई 2025 – उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार देर सांय नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल से भेंट की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य राज्य की जल विद्युत परियोजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर केंद्रीय मंत्री से समर्थन प्राप्त करना था। मुख्यमंत्री ने राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति देने के लिए जल संसाधनों के विकास पर विशेष जोर दिया।
21 जल विद्युत परियोजनाओं में से 5 परियोजनाओं के क्रियान्वयन का आग्रह
मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल से अनुरोध किया कि उत्तराखंड में संचालित 21 जल विद्युत परियोजनाओं में से पांच प्रमुख परियोजनाओं को शीघ्र क्रियान्वित किया जाए। ये परियोजनाएं राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि ये परियोजनाएं सामाजिक एवं आर्थिक रूप से उत्तराखंड की प्रगति में मील का पत्थर साबित होंगी। साथ ही राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करते हुए पर्यावरणीय स्थिरता के भी पक्ष में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल विद्युत ऊर्जा न केवल स्वच्छ और स्थायी ऊर्जा स्रोत है, बल्कि यह स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देती है।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और विशेषज्ञ समिति की संस्तुति
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये जल परियोजनाएं सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप हैं, जिनके तहत जल संसाधनों के समुचित प्रबंधन और विकास को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ समिति ने भी इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन के पक्ष में सकारात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की है।
इससे यह स्पष्ट होता है कि परियोजनाओं का शीघ्र कार्यान्वयन पर्यावरणीय और तकनीकी दृष्टि से भी सुरक्षित है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से अपेक्षा जताई कि केंद्र सरकार इन परियोजनाओं को जल्द से जल्द मंजूरी और वित्तीय सहायता प्रदान करे, ताकि उत्तराखंड के विकास में तेजी लाई जा सके।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने जताया समर्थन
केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल ने मुख्यमंत्री की बातों को गंभीरता से लिया और उत्तराखंड के जल संसाधन विकास को लेकर अपनी सहमति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य के विकास को प्राथमिकता देती है और जल विद्युत परियोजनाओं को लेकर सकारात्मक कार्यवाही की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत योजनाओं और रिपोर्टों की समीक्षा के बाद जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि केंद्र उत्तराखंड के विकास में सहयोग के लिए हरसंभव प्रयास करेगा।
जल विद्युत परियोजनाओं से जुड़े संभावित लाभ
उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य है, जहां जल संसाधनों का भरपूर भंडार है। जल विद्युत परियोजनाओं से न केवल राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इससे स्थानीय आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और पलायन पर भी नियंत्रण संभव होगा।
इसके अलावा, स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन से पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी, जो वर्तमान वैश्विक ऊर्जा संकट और जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने जताई केंद्र सरकार के सहयोग की अपेक्षा
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र सरकार के सहयोग और समर्थन पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से ही अपने विकास लक्ष्यों को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने जल विद्युत परियोजनाओं को राज्य के विकास का आधार बताते हुए केंद्र से शीघ्र निर्णय की मांग की।








