हरिद्वार। उत्तराखंड की हालिया प्राकृतिक आपदा से प्रभावित क्षेत्रों की सहायता के लिए अखाड़ा परिषद ने उल्लेखनीय कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹34 लाख की सहयोग राशि प्रदान की। रविवार को परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल डामकोठी, हरिद्वार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिला और उन्हें यह राशि सौंपी।
अखाड़ा परिषद ने न केवल आर्थिक सहयोग दिया, बल्कि एक आपदा प्रभावित गांव को गोद लेने का संकल्प भी लिया। मुख्यमंत्री धामी ने इसे सेवा और संवेदना का अनुकरणीय उदाहरण बताते हुए कहा कि उत्तराखंड की सेवा परंपरा में साधु-संत समाज का योगदान सदैव अग्रणी रहा है। उन्होंने कहा, “आपदा के इस कठिन समय में संत समाज का सहयोग पुनर्निर्माण के साथ-साथ प्रभावित लोगों के लिए आशा और संबल की किरण है।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार तेजी से पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्य कर रही है और समाज के विभिन्न वर्गों से मिल रहा सहयोग इन कार्यों को और गति दे रहा है।
संत समाज ने भी मुख्यमंत्री धामी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं ग्राउंड जीरो पर जाकर प्रभावित परिवारों से संवाद कर रहे हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। संतों ने कहा कि यह भरोसा प्रभावित परिवारों के लिए बहुत बड़ी ताकत है कि संकट की इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है।
इस अवसर पर महानिर्वाणी अखाड़े के महंत रविंद्र पुरी महाराज, श्री पंचायती नया अखाड़ा उदासीन अध्यक्ष महंत धुनी दास जी, महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद, बाबा हठयोगी, महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश सहित कई संत और संत समाज से जुड़े लोग उपस्थित रहे।








