पटना, 18 जुलाई। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे से पहले तीखा राजनीतिक हमला किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर वादाखिलाफी, दोहरे मापदंड और जमीनी मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाते हुए कटाक्ष किया कि इस बार मोदी जी के जुमलों की ऐसी मूसलाधार बारिश होगी कि स्वयं इंद्र देवता भी शरमा जाएंगे।
तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्ववर्ती ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर प्रधानमंत्री की प्रस्तावित यात्रा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “सर्वप्रथम प्रधानमंत्री आज ‘सावन में मटन पार्टी’ करने वाले नेताओं को मोतिहारी में मंच पर सम्मानित कर अपने आप को गौरवान्वित महसूस करेंगे तथा अपने प्रवचनों के दोहरेपन का सार्वजनिक परिचय देंगे।”
11 साल बाद भी अधूरा वादा
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री मोदी की वर्ष 2013 की मोतिहारी यात्रा को याद करते हुए कहा कि उस समय उन्होंने चीनी मिल खुलवाकर वहीं की बनी चीनी से चाय पीने का वादा किया था। “आज 132 महीने, यानी साढ़े 11 साल बीतने के बाद भी वह वादा अधूरा है। पीएम मोदी इस अधूरे वादे के लिए आज शायद प्रायश्चित करेंगे। या फिर संभव है कि अपनी इस विफलता का दोष सम्राट अशोक या चंद्रगुप्त मौर्य पर मढ़ दें,” तेजस्वी ने कटाक्ष किया।
अपराध और विकास पर सरकार की नाकामी
राजद नेता ने राज्य में बढ़ते अपराधों और अव्यवस्थित शासन व्यवस्था को लेकर भी केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “बिहार में अपराध बेलगाम हो चुका है, लेकिन इसके लिए प्रधानमंत्री आज से पांच दशक पुरानी सरकारों को जिम्मेदार ठहरायेंगे।“
तेजस्वी ने यह भी दावा किया कि “जमीन पर हकीकत चाहे जैसी भी हो, प्रधानमंत्री बिहार को नम्बर-1 कहकर अपनी बातों से पर्दा डालने की कोशिश करेंगे।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री काल्पनिक मुद्दों और डरावनी कहानियों के जरिए जनता का ध्यान भटकाने की रणनीति अपनाते हैं, और आगामी नवंबर तक ऐसा ही करते रहेंगे।
‘मौसम की तरह बदले बयान’
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री के बयानों और राजनीतिक व्यवहार की तुलना मौसम से करते हुए कहा, “सावन का मौसम है और मोदी जी के भाषणों में जुमलों की घटा इस तरह छायी रहेगी कि हकीकत की जमीन भीग जाएगी। लेकिन जनता अब समझ चुकी है कि हर बार चुनावी मौसम में ही ये मेघ उमड़ते हैं, बरसते नहीं।”
लोकसभा चुनाव की तैयारी में सियासी गर्मी
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बिहार में एनडीए और विपक्षी गठबंधन के बीच बढ़ती सियासी गर्मी के बीच यह दौरा खास मायने रखता है। तेजस्वी यादव और विपक्षी दलों के लिए यह एक मौका भी है जहां वे प्रधानमंत्री के पुराने वादों और उनकी असफलताओं को याद दिलाकर जनमानस को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं।
तेजस्वी ने अंत में यह भी जोड़ा कि, “मोदी जी को बिहार की जनता से किए वादों का लेखा-जोखा देना चाहिए। सिर्फ भाषणों और मंचीय तमाशों से बिहार का विकास नहीं होगा। युवाओं को नौकरी चाहिए, किसानों को लाभकारी मूल्य चाहिए, और राज्य को विशेष राज्य का दर्जा चाहिए।”
बिहार में सियासत एक बार फिर तेज होती दिख रही है और ऐसे में नेताओं के कटाक्ष, वादे और जवाबी आरोप-प्रत्यारोप आने वाले महीनों में राजनीतिक माहौल को और गर्माएंगे।








