तेल अवीव/गाजा पट्टी। लंबे समय से जारी खूनी संघर्ष के बाद आखिरकार **इजराइल और गाजा पट्टी** में **युद्धविराम** लागू हो गया है। इस ऐतिहासिक पल ने दोनों ओर के लोगों की आंखों में **खुशियों के आंसू** ला दिए हैं। इजराइल के **तेल अवीव** में ‘बंधक चौक’ पर बंधकों की रिहाई की तैयारियां जोरों पर हैं। सोमवार सुबह 4 बजे (स्थानीय समयानुसार) इस रिहाई का **सीधा प्रसारण** किया जाएगा। रिहाई से पहले यहूदी-अमेरिकी रैपर **कोशा डिल्ज़** ने मंच पर प्रस्तुति देकर लोगों का उत्साह बढ़ाया।
इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, बंधकों के स्वदेश लौटने के बाद **सैकड़ों फिलिस्तीनी कैदियों** को गाजा भेजा जाएगा। यह समझौता युद्ध के अंत का प्रतीक माना जा रहा है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति **डोनाल्ड ट्रंप**, जो वर्तमान में **तेल अवीव की यात्रा पर हैं**, ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से कहा, “अब युद्ध खत्म हो गया है। यह शांति की शुरुआत है।”
मिस्र की सरकारी मीडिया ने बताया कि **राफाह सीमा पार** के पास दर्जनों **मानवीय सहायता ट्रक** कतार में खड़े हैं, जो गाजा में प्रवेश की अनुमति का इंतज़ार कर रहे हैं। ये ट्रक दवाएं, खाद्य सामग्री और पुनर्निर्माण के उपकरण लेकर पहुंचे हैं।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, उसने अपने साझेदार संगठनों के साथ मिलकर गाजा के **उत्तर और दक्षिण क्षेत्रों में लाखों पैकेट भोजन और ब्रेड** वितरित किए हैं। यूएन ने इसे मानवीय मदद में “पहला कदम” बताया है।
हालांकि, राहत की इस घड़ी में भी गाजा की त्रासदी की झलक साफ दिख रही है। **फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय** ने बताया कि पिछले 24 घंटों में **117 शव बरामद** किए गए हैं और सात अन्य लोगों की मौत हुई है। नागरिक सुरक्षा विभाग के अनुसार, अब भी करीब **10,000 लोग मलबे में दबे होने की आशंका** है।
लोगों का कहना है कि युद्धविराम ने “जिंदगी की एक नई उम्मीद” दी है, लेकिन गाजा के टूटे घरों और बिखरे परिवारों को फिर से खड़ा करना एक बड़ी चुनौती होगी।








