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वैदिक मंत्रों के बीच स्वामी श्रद्धानंद बलिदान दिवस: डीएवी रजरप्पा में भावपूर्ण आयोजन

डीएवी पब्लिक स्कूल, सीसीएल, रजरप्पा प्रोजेक्ट में मंगलवार को स्वामी श्रद्धानंद बलिदान दिवस अत्यंत श्रद्धा, अनुशासन और वैदिक वातावरण के साथ मनाया गया। यह आयोजन महान समाज सुधारक, शिक्षाविद् और आर्य समाज के अग्रणी स्तंभ स्वामी श्रद्धानंद जी के त्याग, बलिदान और आदर्शों को स्मरण करने के उद्देश्य से किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक हवन से हुआ। विद्यालय परिसर में वेद मंत्रों के पवित्र उच्चारण के बीच विद्यार्थियों ने स्वयं हवन में आहुति दी। इसके पश्चात शिक्षकों और छात्रों ने स्वामी श्रद्धानंद जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इसके बाद विद्यार्थियों द्वारा भजनों का सस्वर गायन प्रस्तुत किया गया, जिनमें स्वामी श्रद्धानंद जी, आर्य समाज तथा महर्षि दयानंद सरस्वती के विचारों और कार्यों पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर विद्यालय के नैतिक शिक्षा शिक्षक एवं प्रख्यात आर्य समाजी श्री सत्यकाम आर्य तथा संगीत शिक्षक श्री रजनीश पाठक ने भी अपने भजनों से वातावरण को आध्यात्मिक और प्रेरणादायक बना दिया।

आर्य समाज के संदेशों के प्रसार हेतु एक शोभायात्रा का भी आयोजन किया गया, जिसमें कक्षा छठी के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शोभायात्रा में ॐ ध्वज, प्रेरक नारों वाली तख्तियां और वैदिक उद्घोष आकर्षण का केंद्र रहे। विद्यार्थियों ने अनुशासित ढंग से सत्य, शिक्षा, सेवा और राष्ट्र निर्माण जैसे आर्य समाज के मूल सिद्धांतों का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।

इस अवसर पर झारखंड प्रक्षेत्र डी के सहायक क्षेत्रीय अधिकारी सह डीएवी रजरप्पा के प्राचार्य डॉ. एस. के. शर्मा ने कहा कि आर्य समाज के प्रसार और डीएवी संस्थाओं के विस्तार में स्वामी श्रद्धानंद जी का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।

 

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