विद्यालय परिवार में हर्ष का माहौल, बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना
गोलाः मगनपुर गोला प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित उच्च विद्यालय चाड़ी हिंदी कुस्टेगढा़ के विद्यार्थियों ने एक बार फिर अपने शैक्षणिक कौशल से क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। वर्ष 2025 के राष्ट्रीय साधन सह मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा (एनएमएमएस) में विद्यालय के 16 छात्र-छात्राओं ने सफलता प्राप्त कर न केवल अपने परिवार और गुरुजनों का नाम रौशन किया है, बल्कि विद्यालय के गौरव में भी वृद्धि की है।
इस परीक्षा में खुशबू कुमारी, अमन कुमार, हेमंती कुमारी, स्वाभिमान हेंब्रम, अंजू कुमारी, मधु कुमारी, पुरुषोत्तम बेदिया, रोशन कुमार, भारती कुमारी, श्रुति कुमारी, समीर कुमार राम, गायत्री कुमारी, प्रशांत कुमार, रंजीत कुमार, अंकित कुमार और संतोषी कुमारी ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से सफलता प्राप्त की है।
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक बिरसाय राम बेदिया ने इन सभी होनहार छात्र-छात्राओं को पुष्पगुच्छ और मिठाई देकर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। इस परीक्षा में चयनित छात्रों को केंद्र सरकार की ओर से प्रत्येक वर्ष छात्रवृत्ति दी जाती है, जिससे आगे की पढ़ाई में उन्हें आर्थिक सहयोग मिलेगा।
विद्यालय परिवार ने इस अवसर को विशेष रूप से मनाया। विद्यालय परिसर में एक संक्षिप्त सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित सभी शिक्षकों, अभिभावकों एवं समुदाय के लोगों ने सफल छात्रों की सराहना की और उन्हें प्रोत्साहित किया।
इस गौरवपूर्ण क्षण पर विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों में रॉकी कुमार, कैलाश महतो, शुकदेव हंसदा, मोहम्मद सलाम अंसारी, राजेश्वर प्रसाद कुशवाहा, पंकज कुमार, हीरालाल प्रसाद, दिनेश कुमार दांगी, शिवानंद महतो, जीतराम बेदिया, मुखलाल राम करमाली, सबिता बाला, कुमारी सावित्री, शिव कुमार महतो, अविनाश कुमार रजवार, दीपक नायक, राजदेव महतो और सागर महतो शामिल रहे। इन सभी ने बच्चों को मार्गदर्शन देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
एनएमएमएस परीक्षा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा आठवीं कक्षा में अध्ययनरत मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को चिन्हित कर उन्हें छात्रवृत्ति प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित की जाती है। इस परीक्षा की सफलता से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए एक ठोस आधार मिलता है।
विद्यालय के इस सामूहिक सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। ग्रामीणों, अभिभावकों और शिक्षकों ने इसे विद्यालय की मेहनत और एकजुटता का परिणाम बताया है। उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में भी इसी प्रकार विद्यार्थी अपनी लगन और शिक्षकगण अपने समर्पण से विद्यालय को नई ऊँचाइयों पर ले जाएंगे।








