उत्तराखंड में व्यायाम प्रशिक्षित बेरोजगारों का लंबे समय से चला आ रहा संघर्ष अब एक नए चरण में पहुंच गया है। वर्षों से आश्वासन मिलने के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने से नाराज युवाओं ने अब जनप्रतिनिधियों तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए पदयात्रा का सहारा लिया है।
प्रदेश अध्यक्ष Jagdish Chandra Pandey के नेतृत्व में 29 मार्च 2026 को आंदोलन की शुरुआत Omkareshwar Temple Ukhimath में पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद युवाओं ने मुख्यमंत्री के लिए प्रसाद और चारधाम की तस्वीर लेकर अपनी यात्रा शुरू की।
सबसे पहले प्रतिनिधिमंडल ने केदारनाथ विधायक Asha Nautiyal से मुलाकात कर अपनी चार सूत्रीय मांगें रखीं। विधायक ने मुख्यमंत्री से वार्ता कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद 30 मार्च को तिलवाड़ा में कैबिनेट मंत्री Bharat Singh Chaudhary से भेंट कर मांग पत्र सौंपा गया, जहां से भी सकारात्मक पहल का भरोसा मिला।
आंदोलन आगे बढ़ाते हुए 1 अप्रैल को युवाओं ने Dhari Devi Temple में पूजा-अर्चना की और देहरादून पहुंचकर मेयर Aarti Bhandari से मुलाकात की। मेयर ने शिक्षा मंत्री से वार्ता कराने का आश्वासन दिया और भर्ती प्रक्रिया शुरू कराने की बात कही।
2 अप्रैल को मलेथा में देवप्रयाग विधायक Vinod Kandari से भी प्रतिनिधिमंडल मिला और अपनी मांगों को दोहराया। इस पूरी यात्रा में बड़ी संख्या में व्यायाम प्रशिक्षित बेरोजगार शामिल रहे।
युवाओं का कहना है कि सरकार की ओर से लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन जमीन पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में अब वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष तेज करने को मजबूर हैं।
यह आंदोलन राज्य में रोजगार के मुद्दे को फिर से केंद्र में ला रहा है और सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है।








