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आध्यात्म से सुधरेगी मीडिया की तस्वीर! ब्रह्माकुमारीज का राष्ट्रीय सेमिनार चर्चा में

माउंट आबू। राजस्थान के माउंट आबू स्थित ज्ञान सरोवर में 30 अप्रैल से 4 मई तक “वैश्विक शांति की आवश्यकता – मीडिया की भूमिका” विषय पर राष्ट्रीय मीडिया सेमिनार एवं रिट्रीट का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का आयोजन ब्रह्माकुमारीज के मीडिया विंग द्वारा किया जा रहा है, जो पिछले कई दशकों से पत्रकारिता को आध्यात्मिकता से जोड़ने का कार्य कर रहा है।

इस सेमिनार का संयोजन बीके शांतनु के नेतृत्व में और मार्गदर्शन संस्था के महासचिव बीके करुणा भाई द्वारा किया जा रहा है। इसमें देशभर से पत्रकार, मीडिया शिक्षाविद् और संस्थानों के प्रमुख भाग लेंगे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य मीडिया में बढ़ती नकारात्मकता को कम कर सकारात्मक और मूल्यनिष्ठ पत्रकारिता को बढ़ावा देना है।

ब्रह्माकुमारीज पिछले 28 वर्षों से मीडिया को आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का अभियान चला रहा है। संस्था का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सशक्त साधन भी है। इस सेमिनार में पत्रकारों को राजयोग ध्यान के माध्यम से मानसिक तनाव से मुक्ति और आंतरिक संतुलन प्राप्त करने के उपाय भी सिखाए जाएंगे।

कार्यक्रम के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया जाएगा कि पत्रकार समाज के उन वर्गों की आवाज बनें जो स्वयं अपनी बात नहीं रख सकते। साथ ही उन्हें सत्य, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ खबर प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। आज के दौर में जब मीडिया कई चुनौतियों और दबावों से गुजर रहा है, ऐसे में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता और अधिक बढ़ जाती है।

राजयोगिनी उषा बहन का मानना है कि युवा पत्रकारों के चरित्र निर्माण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उनके अनुसार, समाज और देश के विकास के लिए मूल्यों को समझना और उन्हें अपनाना बेहद जरूरी है। वहीं वरिष्ठ राजयोगी और ‘ज्ञानामृत’ के संपादक ओमप्रकाश भाई का कहना है कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे नकारा नहीं जा सकता।

इसी क्रम में ‘ओमशांति मीडिया’ के संपादक बीके गंगाधर भाई ने भी पत्रकारों के सामाजिक योगदान को सराहते हुए सकारात्मक सोच विकसित करने पर बल दिया। उनका मानना है कि यदि मीडिया सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाए तो समाज में बड़े बदलाव संभव हैं।

सेमिनार में मीडिया के बदलते स्वरूप, चुनौतियों और बाजारवाद के प्रभाव पर भी गहन चर्चा की जाएगी। साथ ही नए पत्रकारों की अपेक्षाओं और समाज की बदलती सोच को भी केंद्र में रखा जाएगा। आयोजन के अंत में प्रतिभागी पत्रकार संकल्प लेंगे कि वे अपनी लेखनी के माध्यम से सकारात्मक और प्रेरणादायक खबरों को बढ़ावा देंगे।

गौरतलब है कि ब्रह्माकुमारीज की स्थापना वर्ष 1936 में हुई थी और आज यह संस्था 140 से अधिक देशों में 8500 से ज्यादा केंद्रों के माध्यम से राजयोग और आध्यात्म का संदेश दे रही है। लाखों लोग इससे जुड़कर नियमित ध्यान अभ्यास कर रहे हैं।

समग्र रूप से यह सेमिनार न केवल पत्रकारिता के स्तर को सुधारने का प्रयास है, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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