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सरयू राय बोले — नीतीश कुमार की छवि “लार्जर देन लाइफ”, इस बार एनडीए को मिलेगा पहले से अधिक बहुमत

इस्लामपुर में संवाददाता सम्मेलन में कहा – समृद्ध बिहार की अवधारणा को धरातल पर उतारना है

इस्लामपुर (नालंदा)।
जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक और जनता दल यूनाइटेड के स्टार प्रचारक सरयू राय ने कहा है कि इस बार बिहार में एनडीए गठबंधन को पहले से कहीं अधिक मजबूत बहुमत मिलेगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कार्यशैली और उनकी छवि जनता के बीच “लार्जर देन लाइफ” और “स्टेट्समैन” की बनी हुई है।

श्री राय शुक्रवार को इस्लामपुर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दो दिनों के बिहार दौरे के दौरान उन्होंने कई विधानसभा क्षेत्रों में जनता का उत्साह देखा।
“जो लोग नीतीश कुमार के समर्थक नहीं हैं, वे भी यह कहते सुने गए कि उनके खिलाफ कहने को कुछ नहीं है,” — राय ने कहा।

उन्होंने कहा कि इस्लामपुर सीट से एनडीए उम्मीदवार रुहेल रंजन की जीत लगभग तय है, जबकि कुछ उम्मीदवार सिर्फ वोट काटने के उद्देश्य से चुनाव मैदान में हैं।
मतदान का दिन नजदीक आने पर जनता ऐसे उम्मीदवारों को खुद बाहर कर देगी।

नीतीश सरकार की प्राथमिकता पर बोलते हुए राय ने कहा, “समृद्ध बिहार की अवधारणा को धरातल पर उतारना है, लोगों की क्रय शक्ति बढ़ानी है। सरकार जो सहायता योजनाएँ चला रही है, उसका सीधा उद्देश्य यही है।”
उन्होंने कहा कि “बिहार पकड़ चुका है रफ्तार” — यह केंद्रीय नारा आने वाले दिनों में और सशक्त रूप से चरितार्थ होगा।

सरयू राय ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा जा रहा है और अब यह निश्चित है कि वे ही अगले मुख्यमंत्री होंगे।
उन्होंने दावा किया कि पहले चरण के चुनावों में एनडीए को 75 से अधिक सीटें मिलेंगी और जहाँ वह स्वयं नहीं गए, वहाँ भी स्थिति कमोबेश समान है।

धान की फसल को नुकसान का आकलन करे सरकार, विशेष दल गठित करने की मांग — सरयू राय

कहा — रबी की बुआई में भी होगी देरी, किसानों को मिले राहत पैकेज

इस्लामपुर।
जनता दल यूनाइटेड के स्टार प्रचारक और जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने कहा है कि बिहार के नालंदा, भोजपुर, रोहतास सहित कई जिलों में धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
उन्होंने मांग की कि सरकार एक विशेष दल गठित कर नुकसान का आकलन कराए और किसानों को अधिकतम राहत प्रदान करे।

उन्होंने कहा कि भले ही आचार संहिता लागू है, फिर भी सरकार यह आकलन प्रक्रिया शुरू कर सकती है ताकि नई सरकार के गठन के बाद तुरंत मुआवजा और सहायता दी जा सके।
राय ने कहा, “इस बार रबी की फसल की बुआई में भी देरी होगी क्योंकि रह-रह कर बारिश हो रही है। नुकसान उसमें भी होगा। इसलिए सरकार को उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर बीज, कीटनाशक और राहत पैकेज का भुगतान करना चाहिए।”

उन्होंने दोहराया कि सरकार यदि अभी से एक विशेष दल बना दे, तो किसानों के नुकसान का यथार्थ आकलन संभव होगा और नई सरकार किसानों को राहत देने में विलंब नहीं करेगी।

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