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राहुल-प्रियंका-अखिलेश की गिरफ्तार, पुलिस ने विपक्षी मार्च क्यों रोका? जानिए पूरा मामला

संसद से चुनाव आयोग तक विपक्ष का जोरदार मार्च, पुलिस ने किया रोक — क्या है असली वजह?

नई दिल्ली। सोमवार को विपक्षी दलों ने बिहार में वोट चोरी और विशेष समरी संशोधन (SIR) के मुद्दे पर एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग तक पैदल मार्च निकालकर अपनी आवाज़ बुलंद की। लेकिन पुलिस ने मार्च को बीच रास्ते में ही रोक दिया।

पुलिस के अनुसार, विपक्ष को पैदल मार्च की पूर्व अनुमति नहीं दी गई थी। जब सांसद चुनाव आयोग के दफ्तर तक जाने पर अड़े रहे, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए सख्त कदम उठाया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया गया।

प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी बार-बार ताली बजाती और प्रदर्शनकारियों को प्रोत्साहित करती दिखीं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेडिंग को पार करते हुए छलांग लगाकर विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। वहीं राहुल गांधी लगातार हुंकार भरते हुए अपने गुस्से का इजहार कर रहे थे।

विपक्षी नेताओं का कहना है कि बिहार में वोटरों की सूची में छेड़छाड़ हो रही है और SIR के जरिए लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। इसलिए वे इस मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग तक अपनी बात पहुंचाना चाहते थे।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विरोध प्रदर्शन को नियंत्रित करना जरूरी था। उन्होंने कहा कि अनुमति न होने के कारण मार्च को रोका गया और हिरासत में लिया गया।

यह विवाद राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है और विपक्ष ने चेतावनी दी है कि वे इस लड़ाई को चुनाव आयोग के सामने जारी रखेंगे। आने वाले समय में इस मामले पर और सियासी गर्माहट देखने को मिल सकती है।

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