देहरादून। बाल अपराधों के प्रति संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए देहरादून पुलिस ने एक गुमशुदा नाबालिग बालक को सुरक्षित बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द किया। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस की सतर्कता, तकनीकी संसाधनों के उपयोग और त्वरित प्रतिक्रिया अहम साबित हुई।
मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर कोतवाली डोईवाला में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने सबसे पहले गुमशुदा बालक के घर और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इन फुटेज के आधार पर बालक की गतिविधियों और संभावित दिशा के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई गई।
पुलिस ने सुरागरसी और पतारसी करते हुए मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया। इसके साथ ही गुमशुदा बालक की तलाश के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और अन्य संचार माध्यमों का सहारा लिया गया, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक सूचना पहुंचाई जा सके। पुलिस टीम ने आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ सीमावर्ती जनपदों में भी संपर्क स्थापित कर तलाश अभियान को व्यापक रूप दिया।
लगातार प्रयासों के बाद 15 अप्रैल को पुलिस को सूचना मिली कि उक्त बालक हरिद्वार क्षेत्र में देखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर बालक को सुरक्षित बरामद कर लिया।
बालक के सकुशल मिलने के बाद उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। इस पूरी कार्रवाई ने न केवल पुलिस की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को दर्शाया, बल्कि यह भी साबित किया कि आधुनिक तकनीक और सामुदायिक सहयोग के जरिए गुमशुदा मामलों को तेजी से सुलझाया जा सकता है।
पुलिस की इस सफलता पर परिजनों ने राहत की सांस ली और टीम का आभार व्यक्त किया।








