रुड़की। उत्तराखंड के प्रख्यात शायर और *उत्तराखंड रत्न* सम्मान से नवाजे गए **अफजल मंगलौरी** ने एक बार फिर देवभूमि का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। हाल ही में वे दुबई और शारजाह में आयोजित इंटरनेशनल मुशायरे और कवि सम्मेलन में शिरकत कर स्वदेश लौट आए हैं। इस दौरान उन्हें साहित्य के क्षेत्र में किए गए योगदान के लिए **“इंटरनेशनल लिटरेरी अवार्ड-2025”** से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान उन्हें दुबई की संस्था **मैक्वे ग्रुप्स न्यू टेक ग्रुप** द्वारा प्रदान किया गया। संस्था के चेयरमैन **मुशर्रफ अली** ने समारोह में कहा कि भारत के कलाकार और साहित्यकार विश्व पटल पर अपनी संस्कृति और कला को पहुंचा रहे हैं, जो गर्व की बात है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अफजल मंगलौरी लंबे समय से न सिर्फ भारत बल्कि अरब अमीरात और अन्य देशों में उत्तराखंड और भारतीय साहित्य की छवि को चमका रहे हैं।
सम्मान समारोह दुबई के होटल **कॉनकॉर्ड क्रीक व्यू** में आयोजित हुआ। इस अवसर पर **एसकेवाई फंड के एमडी डॉ. सुरेश आचार्य**, **मौलाना आजाद ओपन यूनिवर्सिटी हैदराबाद के पूर्व सचिव शाहिद अली**, भारतीय उद्यमी **नवल किशोर भाटी** और कई गणमान्य व्यक्तियों ने अफजल मंगलौरी को अवार्ड, सम्मान चिन्ह और अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
इससे पूर्व, अफजल मंगलौरी ने शारजाह में **बज्मे आजमगढ़** द्वारा आयोजित आलमी मुशायरे और कवि सम्मेलन में भी भाग लिया। इस कार्यक्रम का संयोजन **दानिश जिया** ने किया, जिसमें अमेरिका, लंदन, सऊदी अरब, कनाडा और भारत से नामचीन शायरों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुंबई के विधायक **अबु आसिम आजमी** और विशेष अतिथि जिम्बाब्वे से आए उद्योगपति **बदर सिद्दीकी** रहे। मुशायरे की सदारत लंदन से आए उस्ताद शायर **फहीम अख्तर** ने की। भारत से जौहर कानपुरी, शबीना अदीब, शकील आजमी, जाह्नवी सहगल सहित कई शायरों ने काव्य पाठ किया। संचालन **मारूफ रायबरेलवी** ने किया और अंत में कमेटी के चेयरमैन **हाजी मोहम्मद राशिद** ने आभार व्यक्त किया।








