बिहार विधानसभा चुनाव 2025(Bihar Assembly Elections 2025) का माहौल अब गर्माने लगा है। पहले चरण का नामांकन पूरा हो चुका है और सत्तारूढ़ एनडीए व विपक्षी महागठबंधन दोनों ही अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। इस बीच काशी के युवा ज्योतिषविद और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. श्वेतांक मिश्र ने एक बड़ा ज्योतिषीय दावा किया है, जिसने सियासी हलचल बढ़ा दी है।
डॉ. मिश्र ने कहा कि ग्रह-नक्षत्रों की चाल इस बार एनडीए गठबंधन के पक्ष में जा रही है और नीतीश कुमार के नेतृत्व में फिर से सरकार बनने के प्रबल संकेत हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राजद नेता तेजस्वी यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान और रणनीतिकार प्रशांत किशोर की जन्मकुंडलियों के विस्तृत ज्योतिषीय विश्लेषण के बाद यह निष्कर्ष सामने आया है।
ग्रह परिवर्तन से बदले समीकरण
डॉ. मिश्र के अनुसार, 18 अक्टूबर को हुए बृहस्पति के कर्क राशि में प्रवेश ने बिहार की राजनीतिक ऊर्जा को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि यह खगोलीय परिवर्तन नीतीश कुमार के लिए शुभ साबित हो सकता है। उनकी कुंडली मिथुन लग्न और वृश्चिक राशि की बनती है। पहले बृहस्पति चंद्रमा से अष्टम भाव में थे, जो प्रतिकूल स्थिति मानी जाती है, लेकिन अब बृहस्पति नवम भाव (भाग्य भाव) में पहुंच चुके हैं, जिससे एक सशक्त ‘राजयोग’ बन रहा है। इस योग से नीतीश को एंटी-इनकंबेंसी के बावजूद लाभ मिलने की संभावना है।
मोदी की कुंडली सबसे मजबूत, राहुल-तेजस्वी पर ग्रहों का दबाव
ज्योतिषीय विश्लेषण में डॉ. मिश्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुंडली इस समय सबसे सशक्त है। हालांकि समय उनके लिए मध्यम फलदायक है, लेकिन विपक्षी नेताओं की तुलना में उन्हें स्पष्ट बढ़त दिलाने वाला साबित होगा।
दूसरी ओर, राहुल गांधी की कुंडली में राहु-शनि का शापित योग बना है, जो कांग्रेस के प्रदर्शन को सीमित कर सकता है। महागठबंधन में कांग्रेस की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर रहने की संभावना है, जबकि तेजस्वी यादव की कुंडली में शनि की साढ़े साती का अंतिम चरण चल रहा है, जो उन्हें संघर्षशील तो बनाएगा, लेकिन सत्ता तक पहुंचाने में बाधक रहेगा।
चिराग पासवान के सितारे बुलंद, मिल सकती है नई भूमिका
डॉ. मिश्र ने कहा कि लोजपा (रामविलास) के नेता चिराग पासवान के ग्रह इस बार बहुत शुभ स्थिति में हैं। उनके सितारे एनडीए के भीतर एक उभरती हुई ताकत के रूप में उन्हें स्थापित कर सकते हैं। चुनाव के बाद उन्हें कोई बड़ी राजनीतिक जिम्मेदारी मिलने के योग बन रहे हैं।
एनडीए को मिल रहे स्पष्ट ज्योतिषीय संकेत
डॉ. श्वेतांक मिश्र का कहना है कि इस समय के ग्रह-नक्षत्र एनडीए गठबंधन के पक्ष में हैं। सीमांचल जैसे कुछ क्षेत्रों में महागठबंधन को आंशिक बढ़त मिल सकती है, लेकिन शहरी और मध्यमवर्गीय मतदाताओं के बीच भाजपा-जदयू-लोजपा गठबंधन की पकड़ मजबूत बनी हुई है।
अंत में उन्होंने कहा— “राजनीति अपने समय के साथ बदलती रहती है, परंतु ग्रहों का संदेश इस बार भी एनडीए की वापसी का संकेत दे रहा है। अगर यह ज्योतिषीय गणना सटीक साबित होती है, तो 2025 में बिहार में फिर नीतीश-मोदी गठबंधन की सरकार बन सकती है।”








