देहरादून में समाज कल्याण एवं महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सभी लाभार्थियों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने सख्त निर्देश जारी करते हुए 15 जून तक सत्यापन कार्य हर हाल में पूरा करने को कहा है।
प्रशासन का मानना है कि इस प्रक्रिया से पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित होगी तथा अपात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें सूची से बाहर किया जा सकेगा। इसके साथ ही पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का सही लाभ पहुंचाना भी सुनिश्चित होगा।
समाज कल्याण विभाग के तहत देहरादून जनपद में वृद्धावस्था पेंशन के 76,128 लाभार्थी शामिल हैं। इसके अलावा दिव्यांग पेंशन के 11,596 और 0 से 18 वर्ष आयु वर्ग के दिव्यांग बच्चों के 1,121 लाभार्थियों का भी सत्यापन किया जाएगा। किसान पेंशन योजना के अंतर्गत 672 लाभार्थी भी इस प्रक्रिया का हिस्सा होंगे।
वहीं महिला कल्याण विभाग के तहत विधवा पेंशन योजना के 32,011 और परित्यक्ता पेंशन योजना के 8,140 लाभार्थियों का भी भौतिक सत्यापन किया जाना है। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि सत्यापन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन प्रक्रिया के दौरान लाभार्थियों की वास्तविक स्थिति, पात्रता और दस्तावेजों की जांच की जाएगी। यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लाभार्थी का नाम सूची से हटाया जा सकता है।
प्रशासन ने सभी लाभार्थियों से अपील की है कि वे सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करें और आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि उनकी पेंशन निर्बाध रूप से जारी रह सके।








