रामगढ़: पलाश झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के अंतर्गत रामगढ़ जिले के विभिन्न प्रखंडों के संकुल संगठनों द्वारा वार्षिक आम सभा का आयोजन उत्साह एवं गरिमा के साथ किया गया। यह आयोजन दुलमी प्रखंड में दुलमी आजीविका महिला संकुल संगठन, गोला प्रखंड में नावाडीह आजीविका महिला संकुल संगठन तथा पतरातु प्रखंड में लबगा और सांकी आजीविका महिला संकुल संगठन द्वारा अपने-अपने पंचायत भवन परिसर में किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक विधि-विधान एवं स्वागत संबोधन के साथ हुई। संकुल संगठन के अध्यक्ष ने सभी उपस्थित सदस्यों का स्वागत किया और वार्षिक आम सभा के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके बाद संकुल संगठन के सचिव ने गत वर्ष की उपलब्धियों, गतिविधियों तथा वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी साझा की।
उपलब्धियों की झलक
संकुल संगठन के सचिव द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया कि बीते वर्ष में संकुल संगठनों ने वित्तीय समावेशन, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक उत्थान तथा सामुदायिक स्तर पर आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। स्वयं सहायता समूह (SHGs) की महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ा गया, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई और परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई।
सचिव ने यह भी बताया कि महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल लेनदेन, बचत, ऋण प्रबंधन और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने में संकुल संगठनों की सक्रिय भूमिका रही है।
सभा में वित्तीय वर्ष 2024-25 का वार्षिक आय-व्यय विवरण प्रस्तुत किया गया। इस विवरण में बताया गया कि संकुल संगठन द्वारा पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए सभी लेन-देन का सुव्यवस्थित प्रबंधन किया गया है। संगठन ने सामुदायिक निधि, CIF, बैंक लिंकेज तथा अन्य योजनाओं के तहत प्राप्त राशि का उपयोग महिला समूहों की आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने में किया।
आगामी वर्ष हेतु नए लक्ष्य भी निर्धारित किए गए, जिनमें समूहों की आय वृद्धि, नए उद्यमों की शुरुआत और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन प्रमुख हैं।
आगामी वर्ष की योजनाएं
सभा के दौरान यह घोषणा की गई कि आगामी वर्ष में संगठन विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर कार्य करेगा:
ग्रामीण महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण – छोटे-छोटे उद्यमों को बढ़ावा देकर परिवारों की आय बढ़ाना।
कौशल विकास प्रशिक्षण – सिलाई, हस्तशिल्प, बकरी पालन, मशरूम उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण।
बैंकिंग एवं वित्तीय समावेशन – सभी समूहों को डिजिटल भुगतान प्रणाली से जोड़ना।
सामाजिक पहल – नशा मुक्ति, बाल विवाह रोकथाम, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य जागरूकता पर अभियान चलाना।
समूहों की आत्मनिर्भरता – सभी SHGs और VOs को आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर उन्हें बाहरी सहयोग पर निर्भरता से मुक्त करना।
वार्षिक आम सभा के दौरान उत्कृष्ट कार्य कर रहे कैडर (Cadres), महिला समूहों एवं ग्राम संगठनों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन संगठनों और सदस्यों को दिया गया जिन्होंने बीते वर्ष आजीविका गतिविधियों, महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक विकास में अनुकरणीय योगदान दिया। इस अवसर पर सम्मानित दीदियों ने अपने अनुभव साझा किए और अन्य समूहों को प्रेरित किया।
सभा में उपस्थित सभी समूहों की दीदियों ने यह संकल्प लिया कि समिति आने वाले समय में ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में और भी प्रभावी कदम उठाएगी। दीदियों ने यह भी संकल्प लिया कि वे सामुदायिक विकास की हर पहल में सक्रिय योगदान देकर अपने गांव को तरक्की की राह पर ले जाएंगी।
मौके पर PALASH JSLPS जिला प्रबंधक, संबंधित प्रखंडों के प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक (BPM), FTC, CC, IPRP सहित बड़ी संख्या में समूहों की सैकड़ों दीदियां उपस्थित रहीं। अतिथियों ने अपने संबोधन में संकुल संगठनों के कार्यों की सराहना की और कहा कि इस तरह के आयोजन संगठनात्मक मजबूती और पारदर्शिता का प्रतीक हैं।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी अतिथियों, सदस्यों और दीदियों का आभार व्यक्त किया गया। यह वार्षिक आम सभा न केवल संगठनात्मक मजबूती का प्रतीक बनी, बल्कि इसने यह भी संदेश दिया कि ग्रामीण महिलाएं अपने सामूहिक प्रयासों से गांव और समाज में बड़े बदलाव ला सकती हैं।








