गुवाहाटी। असम के लोकप्रिय गायक और संगीतकार **जुबिन गर्ग** की असमय मौत ने पूरे देश को हिला दिया है। सिंगापुर में कथित स्कूबा डाइविंग के दौरान उनकी रहस्यमयी मौत की खबर आते ही न केवल असम बल्कि पूरे उत्तर-पूर्व में शोक की लहर दौड़ गई। लाखों प्रशंसकों की आंखें नम हैं और सोशल मीडिया पर शोक संदेशों की बाढ़ आ गई है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जानकारी दी कि सिंगापुर में किया गया पहला पोस्टमॉर्टम पूरा हो चुका है, जिसमें मौत का कारण **‘डूबना’ (ड्राउनिंग)** बताया गया है। हालांकि, असम में लगातार बढ़ते संदेह और साजिश की आशंकाओं के चलते सरकार ने गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज में दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने का फैसला लिया है। यह प्रक्रिया मंगलवार सुबह 7:30 बजे AIIMS दिल्ली के डॉक्टरों की देखरेख में की जाएगी।
सिंगापुर जांच और डेथ सर्टिफिकेट
सिंगापुर हाईकमीशन द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण पत्र में जुबिन की मौत का कारण साफ तौर पर ‘डूबना’ लिखा गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्य जांच सिंगापुर पुलिस करेगी, लेकिन असम सरकार भी स्थानीय स्तर पर सभी पहलुओं की गहन जांच करवाएगी। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें जुबिन स्कूबा डाइविंग की तैयारी करते नजर आ रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में उनकी मौत को पैराग्लाइडिंग हादसे से भी जोड़ने की कोशिश की गई, लेकिन अब तक आधिकारिक पुष्टि केवल डूबने की ही हुई है।
सिंगापुर में 20 सितंबर को पहला पोस्टमॉर्टम पूरा किया गया। इसके बाद भारतीय दूतावास की मौजूदगी में जुबिन का पार्थिव शरीर उनकी टीम को सौंपा गया और गुवाहाटी लाया गया। यहां एयरपोर्ट से ही उनके प्रशंसकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
जनता की मांग पर दूसरा पोस्टमॉर्टम
असम में राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और प्रशंसकों ने पारदर्शी जांच की मांग उठाई। आरोप लगाए गए कि जुबिन की मौत के पीछे ‘फाउल प्ले’ यानी साजिश हो सकती है। दबाव बढ़ने के बाद सरकार ने गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज में दूसरा पोस्टमॉर्टम तय किया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री केशब महंत ने बताया कि जुबिन के सम्मान में जोरहाट में स्मारक बनाने की योजना है। इसके लिए 10 बीघा जमीन अधिग्रहित की गई है और परिवार से चर्चा के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।
राज्य सरकार ने तीन दिनों का राजकीय शोक भी घोषित किया है। इस दौरान सभी सरकारी भवनों पर तिरंगा आधा झुका रहेगा।
FIR और साजिश की जांच
जुबिन गर्ग सिंगापुर **नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल** में भाग लेने गए थे। उनकी मौत के बाद आयोजकों और मैनेजर के खिलाफ कई FIR दर्ज हुई हैं। असम पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और साजिश की आशंका को भी खारिज नहीं किया है। इस बीच बॉलीवुड संगीतकार **अनु मलिक** का बयान सुर्खियों में है। उन्होंने कहा कि जुबिन को लंबे समय से ‘ब्लैकआउट्स’ की समस्या थी, और यह कई लोगों को मालूम था। इस दावे ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि राज्य सरकार पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
असम की सांस्कृतिक धरोहर
‘या अली’ जैसे सुपरहिट गीत देने वाले जुबिन गर्ग सिर्फ गायक नहीं बल्कि असम की सांस्कृतिक पहचान थे। उनकी आवाज़ ने न केवल बॉलीवुड बल्कि असमिया संगीत को भी नई ऊँचाई दी। उनकी असमय मौत से पूरा राज्य सदमे में है। जांच रिपोर्ट आने तक राज्य का माहौल तनावपूर्ण है, और हर कोई इस सवाल का जवाब जानना चाहता है—क्या जुबिन की मौत एक हादसा थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश?








