डॉ. धन सिंह रावत बोले– पाठ्यक्रम में आएंगे EV टेक्नोलॉजी, ज्योतिष और योग विज्ञान जैसे विषय*
देहरादून। नई शिक्षा नीति (NEP-2020) उत्तराखंड के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के नए अवसर लेकर आ रही है। सचिवालय सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में शिक्षा मंत्री **डॉ. धन सिंह रावत** ने कहा कि अब छात्र-छात्राएं अपनी पसंद के विषयों का चयन कर पाएंगे। इसके साथ ही उन्हें *मल्टीपल एंट्री और एग्जिट* की सुविधा मिलेगी, जिससे शिक्षा के दौरान लचीलापन और विकल्प बढ़ेंगे।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी शिक्षा से जुड़े संस्थान *नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क* के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करें। डॉ. रावत ने कहा कि आधुनिक समय की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तकनीकी विषय जैसे **EV टेक्नोलॉजी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स, इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज और एंटरप्रेन्योरशिप** को शामिल किया जाएगा।
इसके साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विषयों पर भी जोर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि **ज्योतिष, योग विज्ञान, आयुष, वास्तु, कृषि, वानिकी और औद्यानिकी** जैसे पारंपरिक विषय भी पाठ्यक्रम का हिस्सा होंगे। इस मिश्रण से विद्यार्थी आधुनिक विज्ञान और परंपरागत ज्ञान दोनों का लाभ उठा सकेंगे।
बैठक में नोडल विभाग उच्च शिक्षा ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से **नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क, कौशल संवर्धन, बहुविषयक विकल्प, डिजिटल इनिशिएटिव, ग्रेडेड ऑटोनॉमी, ओपन डिस्टेंस लर्निंग और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग** से जुड़ी रूपरेखा प्रस्तुत की।
बैठक में मुख्य सचिव **आनंद वर्द्धन**, सचिव उच्च एवं तकनीकी शिक्षा **डॉ. रणजीत सिन्हा**, सचिव वित्त **वी. षणमुगम**, सचिव कृषि शिक्षा **एस.एन. पांडेय**, सचिव संस्कृत शिक्षा **दीपक गैरोला**, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
डॉ. रावत ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थी कौशल आधारित और रोजगारोन्मुखी शिक्षा से जुड़े पाठ्यक्रमों का चयन कर सकेंगे। इससे उन्हें *राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा* करने का अवसर मिलेगा।








