रामगढ़। जिले के लगभग तमाम लोहा फैक्ट्री अवैध व गैर कानूनी कार्य का और प्रदूषण फ़ैलाने का केंद्र बन गया है। हजारीबाग रेल पुलिस ने रामगढ़ जिले के कुजू स्थित एक फैक्ट्री में रेलवे से चोरी किया लोहा गिराते एक पिकअप वैन को पकड़ा था। जिले के एकाध फैक्ट्रियों को छो़ड़ दिया जाय तो हर फैक्ट्री अवैध कोयला व लोहा के खरीद बिक्री का केंद्र बन चुका है। पिछले दिनों एक अवैध कोयला लदा हाइवा को लेकर रामगढ़ थाना पुलिस व हजारीबाग जिले के गिद्दी पुलिस के बीच काफी बहस हुई थी। बाद में उक्त हाइवा अरगड्डा क्षे़त्र के एक फैक्ट्री में घुस गया था। बाद में मामला रफा दफा हो गया। दो थाना क्षेत्रों की पुलिस के बीच हुई बहस मीडिया में आयी थी तथा क्षेत्र लोगों के बीच चर्चा का विषय बना था। इस पर पुलिस अधीक्षक द्वारा जाँच के लिए अधिकारी नियुक्त किये गये थे।
हालात यह है कि जिले में एकाध फैक्ट्री को छोड़ कर हर फैक्ट्री में अवैध लोहा, अवैध कोयला की खरीद बिक्री कर खपाया जाता है। लोहा कोयला तो नजर में आता है। इसलिए इस पर चर्चा होती है। लेकिन इन फैक्ट्रियों में लगने वाले कई बहुत कीमती चीजों की भी तस्करी की जाती है। जिस पर ना तो प्रशासन, पुलिस या किसी की नजर जाती है। इसमें सिल्को मैगनीज आदि पदार्थ प्रमुख हैं। फैक्ट्रियों में कोयला लोहा की खरीद में स्थानीय पुलिस व प्रशासन की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। पिछले दिनों दो थाना क्षेत्र की पुलिस के विवाद के बाद कोयला लदा हाइवा एक फैक्ट्री में घुस गया। लेकिन इस पर कोई जाँच नहीं हुई तथा फैक्ट्री से कुछ नहीं कहा गया। रविवार को कुजू के फैक्ट्री में रेलवे का लोहा गिराते वाहन को जब्त किया गया। रेल पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें सूचना मिल रही थी कि उक्त फैक्ट्री में लगातार चोरी का लोहा खरीदा जा रहा है। रविवार को रंगे हाथ वाहन के पकड़े जाने से मामला सामने आया। रेल पुलिस के मुताबिक जब फैक्ट्री में लगातार रेलवे का लोहा जिसमें रेल लाइन भी है खरीद बिक्री की जा रही है। तो ऐसे में स्थानीय पुलिस को इसकी खबर ना होना आश्चर्य का विषय है। आरोप लगाये जाते हैं तथा पूर्व से हीं इस तरह की गतिविधियां होती रही है। फैक्ट्रियो से नियम तोड़ कर ओवरलोड मालवाहक वाहन चलाये जा रहे हैं। लोहा कोयला की खरीद बिक्री के अलावा जिले भर में स्थापित फैक्ट्रियाँ प्रदूषण फैलाने का भी जरिया बन चुकी हैं। कहने को तो हर फैक्ट्री ने प्रदूषण नियंत्रण यंत्र बैठा रखा है। लेकिन इसे चलाया नहीं जाता है। बिजली के खर्च को बचाने के लिए जब जाँच की बात होती है तो प्रदूषण नियंत्रण यंत्र को चलाया जाता है। अभी हाल के दिनों में मरार में स्थापित एक फैक्ट्री के खिलाफ लोगों ने आंदोलन किया था। लेकिन उचित प्रशासनिक सहयोग व राजनैतिक सहयोग न मिलने से आम लोगों द्वारा किया गया आंदोलन विफल हो गया। चूँकि यह फैक्ट्री वार्ड क्षेत्र में है। इसलिए इसके द्वारा फैलाया जाने वाला प्रदूषण लोगों को नजर आता है। लेकिन जिला के अन्य फैक्ट्रियों द्वारा फैलाया जा रहा प्रदूषण लोगों की नजर में नहीं आ रहा है। हालात यह है कि पूरा जिला प्रदूषण की चपेट में हैं। आवश्यकता है सरकार, पुलिस व प्रशासन द्वारा कड़े कदम उठाने की। तकि फैक्ट्रियों में अवैध कारोबार व प्रदूषण फैलाया जाना रुक सके।








