देहरादून उत्तराखंड में रेशम उत्पादन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कृषि मंत्री **गणेश जोशी** ने घोषणा की है कि गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में एक-एक सिल्क पार्क का निर्माण किया जाएगा। इससे रेशम किसानों को बेहतर बाजार, प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक की सुविधा मिल सकेगी।
मंत्री जोशी ने सहसपुर स्थित **केंद्रीय रेशम बोर्ड** के क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केंद्र में आयोजित रेशम कृषि मेले का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने रेशम विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में मंत्री ने अनुसंधान केंद्र द्वारा प्रकाशित पुस्तक का विमोचन किया, रेशम संग्रहालय का उद्घाटन किया तथा कृषि आधारित शहतूत वृक्षारोपण के एकीकृत मॉडल का शुभारंभ भी किया। परिसर में पौधरोपण कर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और कृषि के समन्वय का संदेश दिया। रेशम कृषकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वैज्ञानिक पद्धतियों से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
इस अवसर पर स्थानीय विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, रेशम निदेशक प्रदीप कुमार, पूर्व निदेशक डॉ. सरदार सिंह, प्रभारी क्षेत्रपाल सिंह, डॉ. हर्ष कुमार, डॉ. गुलज़ार अहमद खान सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
सरकार का मानना है कि सिल्क पार्क की स्थापना से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और उत्तराखंड रेशम उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में उभरेगा।








