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जमीन, रोजगार और हक की लड़ाई के प्रतीक थे मान सिंह पाल, पुण्यतिथि पर गूंजे संघर्ष के किस्से

लालकुआं।  भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के वरिष्ठ नेता  Man Singh Pal  की 11वीं पुण्यतिथि पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर भाकपा (माले) के राज्य स्तरीय कार्यालय कार रोड में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने एक मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेता को याद किया।

सभा को संबोधित करते हुए  Dr. Kailash Pandey  ने कहा कि कामरेड मान सिंह पाल बिन्दुखत्ता क्षेत्र में पार्टी संगठन और जनसंघर्षों की मजबूत नींव रखने वाले नेताओं में प्रमुख थे। उन्होंने अपने जीवन में आम लोगों के अधिकारों और बुनियादी सुविधाओं के लिए लगातार संघर्ष किया।

डॉ. पाण्डेय ने बताया कि पाल ने बिन्दुखत्ता क्षेत्र में जमीन आबाद कराने, गरीब परिवारों के राशन कार्ड बनवाने और सड़क, स्कूल तथा अस्पताल जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थापना के लिए लंबे समय तक आंदोलन चलाए। इसके अलावा दूध आंदोलन और सेंचुरी मिल में रोजगार की मांग को लेकर हुए संघर्षों में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

उन्होंने कहा कि कामरेड मान सिंह पाल का जीवन आम जनता के हक और अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक रहा है। आज जब बिन्दुखत्ता को राजस्व गांव बनाने का मुद्दा फिर चर्चा में है, तब सरकार के कथित छल के खिलाफ संघर्ष की उस परंपरा को फिर से मजबूत करने की जरूरत है, जिसकी शुरुआत पाल जैसे नेताओं ने की थी।

श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि मान सिंह पाल का संघर्ष और विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने हमेशा गरीब, मजदूर और किसानों के हक की आवाज बुलंद की और संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

इस अवसर पर डॉ. कैलाश पाण्डेय, बहादुर सिंह जंगी, विमला रौथाण, किशन बघरी, भुवन जोशी, पुष्कर दुबड़िया, चंदन राम, नैन सिंह कोरंगा, निर्मला शाही, धीरज कुमार, आकाश भारती, मदन धामी, प्रभात पाल, त्रिलोक राम, अंबा दत्त बसखेती, ललित जोशी, किशन सिंह जग्गी, आनंद दानू, दुर्गा, सुधा और कमल जोशी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने कामरेड मान सिंह पाल को श्रद्धांजलि दी।

 

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