पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचाने वाली एक बड़ी कार्रवाई में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राज्य के अग्निशमन मंत्री सुजीत बोस के कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान एजेंसी ने करीब 45 लाख रुपये नकद, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज़ और कई डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। यह कार्रवाई **नगर निकायों में हुई कथित फर्जी नियुक्तियों से जुड़े धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग)** मामले से संबंधित है।
ईडी अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी अभियान **शुक्रवार को कोलकाता और उत्तर 24 परगना जिले** के विभिन्न हिस्सों में चलाया गया। कुल **13 परिसरों** की तलाशी ली गई, जिनमें मंत्री सुजीत बोस के बेटे **समुद्र बोस** के वीआईपी रोड स्थित **बार और ढाबा** भी शामिल हैं। एजेंसी को इन परिसरों से कई **आपत्तिजनक दस्तावेज़**, **संपत्ति के कागजात**, **डिजिटल डिवाइस** और **नकदी** बरामद हुई।
ईडी सूत्रों ने बताया कि यह मामला **कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश** पर सीबीआई द्वारा दर्ज **नगरपालिका भर्ती घोटाले** से जुड़ी एफआईआर पर आधारित है। जांच में सामने आया कि राज्यभर की कई नगरपालिकाओं में **मजदूर, झाड़ूदार, क्लर्क, चपरासी, एंबुलेंस अटेंडेंट, असिस्टेंट मिस्त्री, पंप ऑपरेटर, हेल्पर, स्वच्छता सहायक और चालक** जैसे पदों पर **बड़े पैमाने पर फर्जी नियुक्तियां** की गईं।
अधिकारियों ने बताया कि घोटाले में शामिल लोगों ने **एम/एस एबीएस इन्फोज़ॉन प्राइवेट लिमिटेड** नामक कंपनी के जरिए नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ी की। इस कंपनी के निदेशक **अयन शील** हैं, जिन्हें पहले ही ईडी गिरफ्तार कर चुकी है। कंपनी को नगर निकायों की परीक्षा के **प्रश्नपत्र छपाई, ओएमआर शीट्स की तैयारी, मूल्यांकन और मेरिट सूची बनाने** की जिम्मेदारी दी गई थी। जांच में खुलासा हुआ कि शील ने **पैसे लेकर ओएमआर शीट्स में हेराफेरी** कर कई अयोग्य उम्मीदवारों को चयनित करवाया।
ईडी ने बताया कि यह घोटाला केवल शिक्षकों की भर्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें **कंचरापाड़ा, न्यू बैरकपुर, कामरहटी, टिटागढ़, बारानगर, हालीशहर, साउथ दमदम और दमदम (उत्तर)** की नगरपालिकाएं भी शामिल हैं। एजेंसी ने वर्ष 2023 में भी **अयन शील** और उनके सहयोगियों के परिसरों पर छापेमारी की थी, जिसमें कई **डिजिटल सबूत और दस्तावेज़** बरामद हुए थे।
सूत्रों के अनुसार, इस घोटाले में **सैकड़ों करोड़ रुपये के लेन-देन** की संभावना है। ईडी ने पहले ही इस मामले में **विशेष पीएमएलए अदालत, कोलकाता** में **अयन शील** के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है।
गौरतलब है कि इसी साल **12 जनवरी 2024** को भी ईडी ने मंत्री **सुजीत बोस**, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री **रथिन घोष** और अन्य नगर निकाय अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। अब 45 लाख रुपये की नकदी बरामद होने से यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया है।
ईडी अधिकारियों का कहना है कि बरामद दस्तावेज़ों और डिजिटल डेटा की जांच के बाद कई और **राजनीतिक और प्रशासनिक अधिकारियों की संलिप्तता** सामने आ सकती है। एजेंसी ने सभी बरामद सामग्रियों को जब्त कर **फोरेंसिक विश्लेषण** के लिए भेज दिया है








