क्वेटा। बलोचिस्तान में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। बलोचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के पास स्थित एक पाकिस्तानी सैन्य शिविर पर हमला कर उसे अपने कब्जे में ले लिया है। यह हमला मंगलवार शाम बलगाटार इलाके में हुआ, जहां तीन घंटे तक दोनों पक्षों के बीच भीषण मुठभेड़ चली। इस दौरान फ्रंटियर कोर (एफसी) के तीन अधिकारी मारे गए और कई जवान घायल हो गए।
तीन घंटे चली गोलीबारी, बीएलएफ ने ली जिम्मेदारी
‘द बलोचिस्तान पोस्ट’ के अनुसार, बीएलएफ प्रवक्ता मेजर घोरम बलोच ने बताया कि उनके लड़ाकों ने शाम करीब छह बजे सीपीईसी की सुरक्षा के लिए बनाए गए सैन्य शिविर को चारों ओर से घेर लिया और हमला बोल दिया। करीब तीन घंटे तक चली इस भीषण लड़ाई के बाद बीएलएफ ने शिविर पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया। प्रवक्ता ने कहा कि इस ऑपरेशन का विस्तृत विवरण जल्द जारी किया जाएगा।
केच-पंजगुर क्षेत्र में चेकपोस्ट पर भी हमला
इसी दौरान केच और पंजगुर जिलों के बीच स्थित एक फ्रंटियर कोर चेकपोस्ट पर भी अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने हमला किया। अधिकारियों ने बताया कि इस हमले में तीन अधिकारी मारे गए और चार घायल हुए हैं। हमले में आधुनिक स्वचालित हथियारों का इस्तेमाल किया गया, हालांकि किसी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है।
मस्तुंग में बैंक लूट, खुजदार में सेना की सख्ती
बलोचिस्तान के मस्तुंग जिले में मंगलवार सुबह छह से आठ हथियारबंद बदमाशों ने एलाइड बैंक की शाखा पर धावा बोल दिया। उन्होंने कर्मचारियों को बंधक बनाकर करीब **15 लाख 60 हजार रुपये** लूट लिए और फरार हो गए।
वहीं, खुजदार जिले की तहसील जाहरी में पाकिस्तानी सेना द्वारा लगातार कार्रवाई जारी है। स्थानीय लोग दो सप्ताह से दहशत में हैं। क्षेत्र में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद हैं तथा कई मार्ग सील कर दिए गए हैं।
बलोचिस्तान में लगातार हो रहे हमलों ने पाकिस्तान सरकार और सेना की चिंता बढ़ा दी है, खासकर तब जब ये हमले चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के आसपास हो रहे हैं।








