Uttarakhand: उत्तराखंड में मानसून अपना रौद्र रूप दिखा रहा है। राज्य के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में जगह-जगह भूस्खलन के कारण सड़कों का संपर्क टूट गया है, तो वहीं मैदानी इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि मंगलवार को भी प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। देहरादून, टिहरी, बागेश्वर, पौड़ी, उधमसिंहनगर, चंपावत और नैनीताल में *ऑरेंज अलर्ट* जारी किया गया है, जबकि अन्य हिस्सों में *येलो अलर्ट* जारी है।
सावधानी बरतते हुए शासन ने चंपावत, बागेश्वर, देहरादून, पौड़ी, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में मंगलवार को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित की है। आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने सभी जिलों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
सचिव ने स्पष्ट किया कि नदी किनारे जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा और निर्माण स्थलों पर काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही, प्रभावित क्षेत्रों में दवाइयों, राशन, पेयजल और अन्य आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति बनी रहनी चाहिए।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें, अफवाहों पर ध्यान न दें, अनावश्यक यात्रा से बचें और किसी भी आपात स्थिति में *112*, *1070* या *1077* पर संपर्क करें। राज्य की नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रशासन हर हाल में स्थिति पर नजर बनाए हुए है।








