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कांकेर नगर पालिका कर्मियों का तीखा विरोध: सीएमओ को सौंपा 5 सूत्रीय मांगपत्र

कांकेर। कांकेर नगर पालिका के प्लेसमेंट कर्मचारी लंबे समय से लंबित वेतन, सुरक्षा उपकरणों की कमी और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर परेशान हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर आज कर्मचारियों के एक प्रतिनिधि मंडल ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) से मुलाकात की तथा अपनी समस्याओं से संबंधित पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपा।

इस मांगपत्र में कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा कि नगर पालिका में कार्यरत प्लेसमेंट वर्कर्स को न तो समय पर वेतन मिल पा रहा है और न ही उन्हें श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले अधिकारों का पर्याप्त रूप से पालन किया जा रहा है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय कर्मचारी यूनियन की कांकेर इकाई ने आज एक प्रेस बयान जारी कर पूरी जानकारी सार्वजनिक की।

यूनियन के कांकेर इकाई के अध्यक्ष राकेश बिछिया और महासचिव दिलीप साहू ने बताया कि कर्मचारियों का धैर्य अब टूटने लगा है। कई महीनों से बार-बार शिकायतें और निवेदन किए जाने के बावजूद कर्मचारियों को अभी भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। इसी कारण यूनियन ने सामूहिक रूप से 5 महत्वपूर्ण मांगों को लेकर प्रशासन के सामने मजबूत तरीके से अपनी आवाज उठाई है।

 पांच सूत्रीय मांगपत्र में क्या-क्या मांगे रखी गईं?

मांगपत्र में शामिल प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

  1. प्रत्येक माह की 10 तारीख तक वेतन भुगतान:
    श्रम कानूनों के तहत समय पर वेतन देना अनिवार्य है। कर्मचारियों ने कहा कि वेतन में देरी से उनका आर्थिक संतुलन बुरी तरह प्रभावित होता है।
  2. वेतन भुगतान से पहले वेतन पर्ची वितरण:
    कर्मचारियों ने मांग की कि हर महीने वेतन से पूर्व उनका वेतन विवरण स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे यह जान सकें कि किन मदों में कटौती और भुगतान हो रहा है।
  3. सभी प्लेसमेंट कर्मचारियों को ईएसआई कार्ड प्रदान करना:
    कर्मचारियों ने कहा कि उनके परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिले, जिसके लिए ईएसआई कार्ड अनिवार्य है, लेकिन कई कर्मचारियों को अब तक यह सुविधा नहीं दी गई।
  4. सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण देना:
    सफाई विभाग के कर्मचारियों के लिए चश्मा, दस्ताना, पादुका और मास्क जैसे बुनियादी सुरक्षा उपकरण आवश्यक हैं, लेकिन अब तक इन्हें पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं कराया गया है।
  5. बिजली विभाग के कर्मचारियों को सुरक्षा सामग्री देना:
    बिजली कर्मियों के लिए रबर ग्लव्स, हेलमेट और बेल्ट जैसे उपकरण अनिवार्य हैं, क्योंकि वे जोखिम भरे काम करते हैं। लेकिन कई कार्यकर्ता इन साधनों के बिना ही कार्य करने को मजबूर हैं।

 सीएमओ ने क्या कहा?

मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और चार मांगों पर तत्काल सहमति भी व्यक्त की। उन्होंने सफाई और बिजली कर्मचारियों से संबंधित सुरक्षा उपकरणों की आपूर्ति जल्द करने का आश्वासन दिया।

हालाँकि, वेतन को प्रत्येक माह की 10 तारीख तक भुगतान करने में असमर्थता जताते हुए सीएमओ ने स्पष्ट किया कि वेतन की राशि समय पर शासन से प्राप्त नहीं हो पाती है, इसलिए देर हो जाती है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को भी उच्च स्तर पर उठाया जाएगा ताकि जल्द समाधान निकाला जा सके।

प्रतिनिधि मंडल में कौन-कौन थे?

इस दौरान कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। इनमें राज्य अध्यक्ष द्वारका कोसरिया, राज्य महासचिव भाव सिंह कश्यप, कांकेर इकाई अध्यक्ष राकेश बिछिया, महासचिव दिलीप साहू, उपाध्यक्ष प्रशांत रजक, सहसचिव अशोक नेताम, सहसचिव दीपेश्वर कुमार तथा कोषाध्यक्ष राज रजक प्रमुख रूप से शामिल थे।

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