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‘जेक्टर’ से खुलेगी डिजिटल आज़ादी की नई राह — जानिए मोदी विज़न 2047 से इसका गहरा रिश्ता

आशीष सिंह 

नई दिल्ली। भारत ने डिजिटल इतिहास का नया अध्याय लिख दिया है। विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के एकाधिकार को चुनौती देते हुए भारत के टेक विशेषज्ञों ने देश का पहला पूर्णतः स्वदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “जेक्टर (Jector)” लॉन्च किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न 2047 को समर्पित यह ऐप न सिर्फ डिजिटल आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि डेटा सुरक्षा के क्षेत्र में भारत की स्वतंत्रता का प्रतीक भी बनकर उभरा है।

सोमवार को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के स्पीकर हॉल में आयोजित एक भव्य प्रेस कॉन्फ्रेंस में सॉफ्टा इंडिया (Softa India) ने इस सुपर ऐप का औपचारिक परिचय कराया। इस मौके पर कंपनी के सीईओ सुनील कुमार सिंह, सीएफओ अंशु प्रिया, सीटीओ जुगल किशोर जगरात, प्रवक्ता डॉ. सोमनाथ आर्य, और मीडिया प्रभारी अश्वनी कुमार निगम मौजूद रहे।

 भारत की डिजिटल आज़ादी का नया अध्याय

सॉफ्टा इंडिया के सीईओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि “जेक्टर” को बनाने में 12 वर्षों का लंबा शोध और भारतीय इंजीनियरों की अथक मेहनत शामिल है। उन्होंने कहा कि यह ऐप प्रधानमंत्री मोदी के “डिजिटल आत्मनिर्भर भारत” और “डेटा सुरक्षा में स्वावलंबन” के सपनों को मूर्त रूप देता है।

कंपनी ने इस ऐप के लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रस्ताव भेजा है। माना जा रहा है कि आने वाले हफ्तों में प्रधानमंत्री स्वयं “जेक्टर” को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

सुनील सिंह ने कहा, “जब पूरी दुनिया डेटा पर निर्भर है, जहाँ हर क्लिक मॉनिटर किया जाता है, वहाँ भारत को अपना स्वतंत्र प्लेटफॉर्म चाहिए था — और जेक्टर उसी सोच का परिणाम है।”

 ‘भारत का डेटा, भारत में ही रहेगा’

जेक्टर का सबसे बड़ा वादा यही है — “भारत का डेटा, भारत में ही रहेगा।” यह ऐप पूरी तरह भारतीय सर्वरों पर आधारित है, जिसमें न विदेशी निवेश है, न किसी बाहरी नियंत्रण की गुंजाइश।

सॉफ्टा के प्रवक्ता डॉ. सोमनाथ आर्य ने कहा, “अमेरिका, रूस और चीन जैसे देश पहले ही अपने स्वतंत्र सोशल प्लेटफॉर्म बना चुके हैं, ताकि वे अपने नागरिकों का डेटा सुरक्षित रख सकें। अब भारत ने भी यह ऐतिहासिक कदम उठाया है।”

उन्होंने बताया कि जेक्टर न सिर्फ एक सोशल ऐप है, बल्कि यह “डिजिटल स्वराज” की दिशा में भारत का निर्णायक कदम है।

 तकनीक में भारतीय आत्मा, सोच में वैश्विक दृष्टि

जेक्टर की तकनीक पूरी तरह भारतीय है — हर कोड, सर्वर और एल्गोरिदम भारतीय मिट्टी में बना है। कंपनी का दावा है कि यह ऐप न केवल मेड इन इंडिया है, बल्कि “मोड ऑफ इंडिया” भी है — यानी तकनीक में भारतीय मूल्य और आत्मा का समावेश।

डॉ. आर्य ने कहा, “यह मंच उतना ही विविध है जितना भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विरासत। जेक्टर एक ऐसा डिजिटल स्पेस है जहाँ सुरक्षा और स्वतंत्रता विरोधी नहीं, बल्कि सहयोगी हैं।”

 महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित सोशल प्लेटफॉर्म

जेक्टर की सबसे विशेष बात इसकी ‘महिला सुरक्षा प्रणाली’ है। ऐप में ऐसा सिक्योरिटी मैकेनिज़्म तैयार किया गया है जिसमें किसी भी यूज़र की अनुमति के बिना उनकी फोटो या वीडियो ना डाउनलोड की जा सकती है, ना कॉपी या शेयर।

इसका वीडियो डिटेक्शन लेयर सिस्टम किसी भी आपत्तिजनक या असहमति वाले कंटेंट को फैलने से पहले ही रोक देता है। इस तरह, यह ऐप महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक डिजिटल स्पेस सुनिश्चित करता है।

 AI जो निगरानी नहीं, सुरक्षा करता है

जेक्टर का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम बाकी प्लेटफॉर्म्स की तरह यूज़र्स की निजी जानकारी पर नज़र नहीं रखता। बल्कि यह यूज़र्स को ऑनलाइन असुरक्षा से बचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

यह ऐप फेक न्यूज़, हेट स्पीच, और नग्नता जैसी सामग्री को स्वचालित रूप से पहचानकर ब्लॉक कर देता है। इसके अलावा, अगर कोई यूज़र लंबे समय तक लगातार ऐप पर सक्रिय रहता है, तो जेक्टर संवेदनशील रूप से याद दिलाता है — “अब थोड़ा विराम लें?”

कंपनी के मुताबिक, “यह आर्टिफिशियल नहीं, ह्यूमन इंटेलिजेंस है।”

 जेन-ज़ी और जेन-अल्फा के लिए खास

जेक्टर को नई पीढ़ी — Gen Z और Gen Alpha — को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यह प्लेटफॉर्म उन्हें देता है “स्वतंत्रता के साथ सुरक्षा और अभिव्यक्ति के साथ गरिमा।”

अब तकनीक उनके मालिक की नहीं, बल्कि साथी की भूमिका निभाएगी।

 स्थानीय व्यापारों को देगा नया मंच

जेक्टर सिर्फ एक सोशल नेटवर्क नहीं, बल्कि भारत के छोटे व्यापारों और स्थानीय ब्रांडों के लिए भी एक डिजिटल मार्केटप्लेस है। यह प्लेटफॉर्म उन्हें उनके अपने शहर और समुदाय के यूज़र्स से जोड़ता है, जिससे “वोकल फॉर लोकल” अभियान को नई ताकत मिलेगी।

 “Global in Reach, Indian in Soul”

हालांकि जेक्टर भारत में विकसित हुआ है, लेकिन इसकी दृष्टि पूरी तरह वैश्विक है। इसका उद्देश्य दुनिया को यह दिखाना है कि भारत सिर्फ डिजिटल उपभोक्ता नहीं, बल्कि डिजिटल निर्माता राष्ट्र भी है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में सीईओ सुनील कुमार सिंह ने कहा, “जेक्टर सिर्फ एक ऐप नहीं, बल्कि भारत की डिजिटल आत्मा का पुनर्जन्म है। यह आने वाली पीढ़ियों से हमारा वादा है — कि भारत का डेटा, पहचान और आत्मा अब किसी विदेशी सर्वर की गिरफ़्त में नहीं होगी।”

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