गाज़ा/तेल अवीव। युद्धग्रस्त गाज़ा पट्टी में इजराइली हमले सोमवार को भी जारी रहे, जिनमें कम से कम 36 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई। मृतकों में एक गर्भवती महिला और उसका नवजात शिशु भी शामिल हैं। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि कई अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें महिलाओं और बच्चों की संख्या भी बड़ी है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब गाज़ा में भुखमरी और मानवीय संकट लगातार विकराल होता जा रहा है।
गाज़ा में गहराता मानवीय संकट
पिछले कई महीनों से गाज़ा में नागरिक आबादी को बुनियादी आवश्यकताओं की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। भोजन, स्वच्छ जल, ईंधन और दवाओं की भारी किल्लत है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और संयुक्त राष्ट्र (UN) की विभिन्न एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत और पर्याप्त मानवीय सहायता नहीं पहुंचाई गई, तो गाज़ा के लाखों निवासियों को भुखमरी, बीमारियों और मृत्यु का सामना करना पड़ सकता है।
इजराइल ने की राहत उपायों की घोषणा
अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच इजराइल ने रविवार को कुछ मानवीय राहत उपायों की घोषणा की। इजराइली सैन्य प्रशासन (COGAT) के अनुसार, गाज़ा सिटी, दीर अल-बलाह और मुवासी क्षेत्रों में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक सैन्य कार्रवाई अस्थायी रूप से रोकी जाएगी। इस दौरान मानवीय राहत सामग्री के वितरण और नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही को प्राथमिकता दी जाएगी।
इजराइली प्रशासन ने यह भी कहा कि राहत एजेंसियों के साथ समन्वय कर सीमावर्ती इलाकों से सहायता भेजी जा रही है। हालांकि, ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
अस्थायी युद्धविराम के बावजूद जारी रहे हमले
सोमवार को हुए हवाई हमले इस अस्थायी युद्धविराम की घोषित समयसीमा के बाहर किए गए, लेकिन फिर भी इन हमलों ने लोगों में डर और असुरक्षा की भावना को और गहरा कर दिया। इजराइली सेना (IDF) ने इन हमलों पर फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, हमलों में कई आवासीय इलाकों को निशाना बनाया गया।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियों ने इजराइल की राहत उपायों की घोषणा का स्वागत तो किया है, लेकिन साथ ही इसे ‘अपर्याप्त’ करार दिया है। संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (UNRWA) ने कहा कि गाज़ा में हालात सामान्य से बेहद दूर हैं और मौजूदा उपायों से ज़रूरतमंदों तक राहत पहुंचाना लगभग असंभव है।
रेड क्रॉस और डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स जैसे संगठन भी गाज़ा में व्यापक राहत पहुंचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि सीमित समय और मार्ग पर्याप्त नहीं हैं और अस्थायी युद्धविराम के दौरान भी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है।
नागरिकों की अपील
गाज़ा के नागरिकों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे युद्धविराम को स्थायी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाएं और मानवीय राहत पहुंचाने की प्रक्रिया को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त करें।
निष्कर्ष
गाज़ा में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। जहां एक ओर इजराइल अपने सुरक्षा हितों का हवाला देता है, वहीं दूसरी ओर निर्दोष नागरिकों की जान और उनका जीवन खतरे में है। यह स्पष्ट है कि अस्थायी उपायों से समाधान नहीं निकलेगा। वैश्विक नेतृत्व और समन्वय की तत्काल आवश्यकता है ताकि गाज़ा को युद्ध की विभीषिका से निकालकर एक सुरक्षित और मानवीय भविष्य की ओर ले जाया जा सके।








