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क्या उत्तराखंड के अस्पतालों में खत्म होने जा रही है विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी? बड़ा अपडेट!

देहरादून। उत्तराखंड के ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में लंबे समय से चल रही विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर होने जा रही है। राज्य सरकार जल्द ही स्वास्थ्य विभाग में 24 विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती करने जा रही है। ये नियुक्तियाँ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के ‘You Quote, We Pay’ मॉडल के तहत की जाएंगी, जिससे चौखुटिया, पिलखी, बीरोंखाल, डीडीहाट और गैरसैण जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य इकाइयों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने पर काम कर रही है। अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी दिशा में सर्जन, फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट और स्त्री रोग विशेषज्ञ जैसे महत्वपूर्ण विशेषज्ञों की तैनाती की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।

डॉ. रावत ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार द्वारा ‘You Quote, We Pay’ योजना के तहत 40 विशेषज्ञ डॉक्टर और 2 कार्डियोलॉजिस्ट के पद स्वीकृत किए गए थे। इनमें से 34 विशेषज्ञ पहले से ही सेवाएं दे रहे हैं, जबकि 6 विशेषज्ञ और 2 कार्डियोलॉजिस्ट पद अभी रिक्त हैं। इन्हीं पदों की तैनाती के लिए राज्य सरकार ने प्रक्रिया और तेज कर दी है।

आईपीएचएस मानकों के अनुसार चयनित चिकित्सा इकाइयों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी। राज्य सरकार इस योजना के तहत विशेषज्ञ चिकित्सकों को प्रति माह 4 लाख रुपये तक का मानदेय उपलब्ध करा रही है, ताकि पर्वतीय क्षेत्रों में भी डॉक्टरों को नियुक्त होने के लिए प्रोत्साहन मिले।

एनएचएम द्वारा विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति हेतु 3 दिसंबर को साक्षात्कार निर्धारित किया गया है। चयनित विशेषज्ञों को नियुक्ति के तुरंत बाद संबंधित चिकित्सा इकाइयों में तैनाती दी जाएगी।
इस कदम से अपेक्षा है कि पर्वतीय क्षेत्रों में मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध होंगी और रेफरल पर निर्भरता में भी कमी आएगी।

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