देहरादून, राज्य के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज देहरादून स्थित राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में संचालित वर्चुअल स्टूडियो का निरीक्षण किया। इस स्टूडियो का उद्देश्य प्रदेश में 1340 वर्चुअल स्टूडियोज में से एक के रूप में विद्यार्थियों को तकनीकी माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। शिक्षा मंत्री ने स्टूडियो की कार्यप्रणाली को लेकर कुछ अहम दिशा-निर्देश दिए हैं, जिनसे डिजिटल शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।
वर्चुअल स्टूडियो के निरीक्षण में शिक्षा मंत्री की मुख्य बातें
मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने निरीक्षण के दौरान वर्चुअल स्टूडियो के संचालन पर संतोष व्यक्त किया और शिक्षकों को कुछ विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “शिक्षकों को अपने पाठों को सरल, रुचिकर और तकनीकी रूप से प्रभावशाली बनाने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि छात्रों को अधिकतम लाभ मिल सके।” उनका मानना था कि यदि विषयों को सजीव और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया जाए, तो यह विद्यार्थियों के लिए समझने में आसान होगा और उनकी रुचि भी बनी रहेगी।
शिक्षा के माध्यम से सामाजिक बदलाव
डॉ. रावत ने “शिक्षा की बात” कार्यक्रम के तहत आने वाले प्रत्येक सोमवार को विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को आमंत्रित करने का सुझाव दिया। इस कार्यक्रम में शिक्षा, पर्यावरण, नागरिक सेवा, साहित्य और लोक संस्कृति से जुड़े विशिष्ट व्यक्तियों को बुलाकर उनके अनुभव छात्रों से साझा किए जाएंगे। उनका उद्देश्य छात्रों को नैतिक, सामाजिक और जिम्मेदार नागरिक बनाने के साथ-साथ उन्हें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करना था।
नैतिक शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर
शिक्षा मंत्री ने विशेष रूप से इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को नैतिक शिक्षा देने की दिशा में काम करने की बात कही। उन्होंने कहा, “हमें अपने विद्यार्थियों में समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना उत्पन्न करनी चाहिए, ताकि वे न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बल्कि जीवन के हर पहलू में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकें।”
पुस्तकालयों की भूमिका पर विशेष ध्यान
इसके अतिरिक्त, मंत्री ने पुस्तकालयों की भूमिका को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अधिकारियों को “समग्र शिक्षा” के अंतर्गत पुस्तकालय अनुदान निधि से पुस्तकें क्रय करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखने का निर्देश दिया। उनका मानना था कि पुस्तकालय विद्यार्थियों के मानसिक और बौद्धिक विकास में अहम भूमिका निभाते हैं और यदि पुस्तकालयों को सशक्त किया जाता है, तो यह छात्रों को मानसिक, बौद्धिक और रचनात्मक रूप से सशक्त बना सकता है।
आगे की योजनाएँ और राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव
शिक्षा मंत्री ने आगे बताया कि इस वर्ष के अंत तक सभी वर्चुअल स्टूडियोज को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए व्यापक योजनाएँ तैयार की जा रही हैं। यह योजना राज्य में शिक्षा के स्तर को उच्चतम मानकों तक पहुंचाने के लिए तैयार की जा रही है। उनका उद्देश्य राज्य के शिक्षा क्षेत्र में तकनीक का उपयोग बढ़ाना है, ताकि छात्र अपने अध्ययन को ज्यादा प्रभावी तरीके से कर सकें।
एससीईआरटी परिसर में आधारशिला समारोह
इसके अलावा, डॉ. रावत ने बताया कि वे 7 जुलाई को एससीईआरटी परिसर में निर्माणाधीन आवासीय परिसर की आधारशिला रखेंगे। इस परिसर के निर्माण से राज्य में शिक्षक और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। मंत्री ने अधिकारियों को इस कार्यक्रम के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
राज्य सरकार की शिक्षा सुधार पहल
राज्य सरकार की यह पहल उत्तराखंड के शिक्षा क्षेत्र में तकनीकी सुधारों के एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है। डिजिटल शिक्षा के माध्यम से राज्य के विद्यार्थियों को न केवल शहरी क्षेत्रों में बल्कि दूरदराज के इलाकों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाएगी। साथ ही, शिक्षा में पारदर्शिता, सामाजिक जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शिक्षा मंत्री ने कई योजनाओं की घोषणा की है, जो राज्य के शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा देने में सहायक साबित होंगी।
यह पहल राज्य के शिक्षा क्षेत्र में तकनीक का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आने वाले समय में उत्तराखंड के छात्र-छात्राओं को डिजिटल माध्यम से बेहतर शिक्षा प्राप्त होगी।








