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भारतीय वायुसेना का जगुआर विमान चुरू में हादसे का शिकार, पायलट शहीद

जयपुर, 9 जुलाई : भारतीय वायुसेना का एक सेपेकैट जगुआर लड़ाकू विमान बुधवार सुबह राजस्थान के चुरू जिले के भानुदा गांव के पास एक प्रशिक्षण उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा इतना भीषण था कि विमान के टकराते ही जोरदार धमाका हुआ और आसमान में धुएं और आग का गुबार उठता दिखाई दिया। विमान में सवार पायलट की मौके पर ही मौत हो गई, जिसकी पुष्टि भारतीय वायुसेना के अधिकारियों द्वारा की गई है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह लगभग 9:45 बजे एक तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद लोगों ने खेतों की ओर दौड़ लगाई। घटनास्थल पर विमान का मलबा बिखरा हुआ था और आग की लपटें उठ रही थीं। सूचना मिलते ही वायुसेना का बचाव दल और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं और आग पर काबू पाया गया।

रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि विमान नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर था, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के कारण यह हादसा हुआ। दुर्घटना की विस्तृत जांच के लिए ‘कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी’ (Court of Inquiry) का गठन कर दिया गया है। अभी तक पायलट की पहचान आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं की गई है।

यह घटना पिछले तीन महीनों में जगुआर विमान से जुड़ी दूसरी बड़ी दुर्घटना है। इससे पहले अप्रैल 2025 में गुजरात के जामनगर में एक अन्य जगुआर विमान रनवे से फिसल गया था, जिसमें पायलट की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने भारतीय वायुसेना के पुराने लड़ाकू विमान बेड़े की सुरक्षा और रखरखाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जगुआर विमान 1980 के दशक से भारतीय वायुसेना का हिस्सा रहा है और इसे मुख्यतः ग्राउंड अटैक मिशनों के लिए प्रयोग किया जाता है। हालांकि, समय के साथ इसकी तकनीकी क्षमताएं पुरानी पड़ चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अब समय आ गया है कि इन विमानों को चरणबद्ध तरीके से सेवा से हटाया जाए।

स्थानीय प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे घटनास्थल से दूर रहें और किसी भी तरह की अफवाह न फैलाएं। घटनास्थल को सील कर दिया गया है और जांच एजेंसियां सबूत जुटाने में लगी हुई हैं।

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