कोलकाता: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर ने हाल ही में छात्र कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है। संस्थान ने ‘सेतु’ नामक एक नया प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ-साथ आत्महत्या जैसी गंभीर घटनाओं पर नियंत्रण पाना है। यह पहल संस्थान द्वारा हाल ही में चार छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं के बाद उठाया गया है, जिससे पूरे देश में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और अकादमिक दबाव पर गंभीर सवाल उठे थे।
आईआईटी खड़गपुर की पहल: ‘सेतु’ का उद्देश्य
‘सेतु’ का पूरा नाम है – सपोर्ट एंपैथी ट्रांसपोर्टेशन एंड अपलिफ्टमेंट (Support Empathy Transportation and Upliftment), जो एक समग्र, तकनीक-सक्षम और संवेदनशील सहयोग तंत्र का निर्माण करने की दिशा में एक कदम है। इसका उद्देश्य केवल एक हेल्पलाइन सेवा या परामर्श सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों के मानसिक संकट को सुलझाने के लिए एक व्यापक, छात्र-केन्द्रित नेटवर्क बनाने का प्रयास करता है। आईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्रोफेसर सुमन चक्रवर्ती ने इस पहल की औपचारिक शुरुआत की, और इसको लेकर संस्थान के प्रवक्ता प्रतीक दामा ने हिन्दुस्थान समाचार से खास बातचीत की।
‘सेतु’ का प्रतीकात्मक अर्थ
‘सेतु’ शब्द संस्कृत में पुल के रूप में परिभाषित किया गया है, और इसे मानसिक संकट से मानसिक सुदृढ़ता की ओर, अलगाव से जुड़ाव की ओर और परंपरा से तकनीक की ओर एक बदलाव के रूप में पेश किया गया है। यह पहल न केवल तकनीकी दृष्टिकोण से जुड़ी है, बल्कि इसका उद्देश्य छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को एक संवेदनशील और सहायक वातावरण में विकसित करना है, जहां वे अपने समस्याओं को बिना किसी झिझक के साझा कर सकें।
हालिया घटनाओं का संदर्भ
इस साल जनवरी से जुलाई के बीच, आईआईटी खड़गपुर में चार छात्रों की आत्महत्याएं हुईं, जिनमें शौन मलिक (12 जनवरी), अनिकेत वॉकर (20 अप्रैल), मोहम्मद आसिफ क़मर (4 मई) और रितम मंडल (18 जुलाई) शामिल हैं। इन घटनाओं ने संस्थान और पूरे देश में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे को फिर से प्राथमिकता में ला दिया। इन आत्महत्याओं ने विशेष रूप से छात्रों के बीच मानसिक दबाव और अकादमिक प्रतिस्पर्धा के कारण होने वाले मानसिक संकट की गंभीरता को उजागर किया।
‘सेतु’ पहल के तहत दी जाने वाली सेवाएं
‘सेतु’ के तहत कई प्रकार की सेवाएं शुरू की गई हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख सेवाएं निम्नलिखित हैं:
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व्यक्तिगत थेरेपी – छात्रों को व्यक्तिगत मानसिक चिकित्सा और काउंसलिंग प्रदान की जाएगी, ताकि वे अपनी समस्याओं को एक विशेषज्ञ से साझा कर सकें।
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मनोरोग चिकित्सा – मानसिक विकारों के इलाज के लिए मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
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समूह चर्चा सत्र – छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य पर खुले रूप से बात करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे अपनी चिंताओं को समूह के साथ साझा कर सकेंगे।
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ऑनलाइन परामर्श सेवा (योर दोस्त) – 24×7 ऑनलाइन परामर्श सेवा की सुविधा छात्रों को दी जाएगी, जहां वे कहीं से भी किसी भी समय मदद प्राप्त कर सकते हैं।
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मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता – पूरे कैंपस में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित स्टिग्मा से बाहर निकाला जा सके।
एआई-संचालित इमोशनल हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम
इस पहल में एक महत्वपूर्ण और तकनीकी कदम यह है कि संस्थान के हॉस्टलों और अकादमिक ब्लॉकों में एक एआई-संचालित इमोशनल हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किया जाएगा। यह सिस्टम छात्रों की मानसिक स्थिति को गुप्त रूप से ट्रैक करेगा और शुरुआती संकेतों पर तुरंत प्रतिक्रिया देने में सक्षम होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मानसिक संकट की शुरुआत होते ही त्वरित उपचार मिल सके और संकट को बढ़ने से रोका जा सके।
शेयर की गई जिम्मेदारी
‘सेतु’ का एक और अहम पहलू यह है कि इसे छात्र-छात्राओं के नेतृत्व में संचालित वेलफेयर कमेटियों और हॉस्टल स्तर की इकाइयों के माध्यम से लागू किया जाएगा। इस प्रकार, मानसिक स्वास्थ्य को केवल संस्थान की जिम्मेदारी नहीं माना जाएगा, बल्कि इसे एक साझा जिम्मेदारी के रूप में देखा जाएगा, जिसमें छात्र, कर्मचारी और संस्थान के अन्य सदस्य मिलकर काम करेंगे।
नए कदम और उम्मीदें
आईआईटी खड़गपुर की यह पहल निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है, जो आने वाले समय में मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक मिसाल बन सकती है। छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना और उन्हें संवेदनशील रूप से समर्थन देना संस्थान के लिए एक नई दिशा है। ‘सेतु’ का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों को कभी भी अकेलापन और मानसिक दबाव महसूस न हो, और वे किसी भी संकट के दौरान सहारा पा सकें।
सारांश
आईआईटी खड़गपुर द्वारा शुरू की गई ‘सेतु’ पहल एक समग्र और तकनीकी दृष्टिकोण से छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल के माध्यम से संस्थान ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझते हुए एक मजबूत, छात्र-केन्द्रित समर्थन तंत्र तैयार किया है, जो आत्महत्या जैसी घटनाओं को रोकने में मदद कर सकता है। इसके साथ ही, छात्रों को एक सुरक्षित, सहयोगपूर्ण और सहायक वातावरण प्रदान किया जाएगा, जहां वे अपनी मानसिक समस्याओं का समाधान कर सकेंगे।








