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हिंदी दिवस पर शैल कला संस्था का अनोखा आयोजन, गीत-संगीत और कविताओं से गूंजा सभागार

देहरादून। राजकीय इंटर कॉलेज डोभाल वाला में हिंदी दिवस के अवसर पर शैल कला एवं ग्रामीण विकास समिति और गति संस्था के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य विचार गोष्ठी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े साहित्यकारों, गीतकारों, कलाकारों और समाजसेवियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध लोक संस्कृति के संवाहक गीतकार, संगीतकार और गायक **संतोष खेतवाल** रहे। उन्होंने सभी को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दीं और अपनी प्रस्तुति में एक नेपाली गीत से माहौल को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता **सुरेंद्र सिंह बिष्ट** ने की और अपने उद्बोधन में हिंदी भाषा के महत्व एवं उसके संवर्धन पर विस्तार से विचार रखे।

विशिष्ट अतिथि एवं राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित कवयित्री **सुलोचना परमार “उत्तरांचली”** ने हिंदी के विकास पर केंद्रित अपनी कविता सुनाई। वहीं, **राजीव पटेल** ने देशभक्ति गीत से कार्यक्रम को ऊर्जावान बनाया। **लक्ष्मी चंद** और रंगकर्मी **राजीव शुक्ला** ने भी गीत प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।

**गति संस्था के सचिव नीरज उनियाल** ने हिंदी के सम्मान पर एक प्रेरक कविता सुनाई। इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी **स्वामी एस. चंद्रा** को डॉक्टरेट की मानद उपाधि मिलने पर विशेष सम्मानित किया गया। साथ ही डॉ. **संदीप गौतम** द्वारा हिंदी प्रेमियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।

कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी **नीरज उनियाल** ने किया और समापन पर स्वामी एस. चंद्रा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

इस मौके पर **उत्तराखंड केंद्रीय पेंशनर एसोसिएशन के अध्यक्ष रवींद्र दत्त सेमवाल** सहित कार्यकारिणी सदस्य और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। जिनमें श्रीकांत विमल, नवीन कहेड़ा, हरविंदर सिंह कुकरेजा, उमेश्वर सिंह रावत, संजय थापा, डॉ. शरद चंद बडोनी, दीप कुमार ममगाईं, लता नय्यर, शीतल कैंथोला, निशा कैंथोला समेत कई साहित्य, समाज और संस्कृति जगत की हस्तियां शामिल थीं।

कार्यक्रम हिंदी भाषा की महत्ता और सांस्कृतिक विविधता का जीवंत उदाहरण बनकर यादगार साबित हुआ।

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