देहरादून। चारधाम यात्रा-2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए उत्तराखंड प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। ‘जीरो लॉस-ऑफ-लाइफ’ के संकल्प के साथ संभावित आपदाओं और आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है।
इसी क्रम में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को एक टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की गई। इस अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखना था।
बैठक में चारधाम यात्रा मार्गों पर संभावित जोखिमों और आपदाओं से निपटने की विस्तृत रणनीति पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि 10 अप्रैल को एक व्यापक मॉक ड्रिल भी आयोजित की जाएगी, जिसमें राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया जाएगा। इससे वास्तविक परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी।
अधिकारियों ने जोर दिया कि यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए संसाधनों का सही आकलन, जोखिम प्रबंधन और विभागों के बीच बेहतर तालमेल अत्यंत जरूरी है।
प्रशासन का कहना है कि इस बार यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए तकनीक और आधुनिक व्यवस्थाओं का भी उपयोग किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि चारधाम यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि न हो और श्रद्धालु सुरक्षित रूप से अपनी यात्रा पूरी कर सकें।








