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धराली आपदा पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट! विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम रवाना, छुट्टियां रद्द, अस्पताल तैयार

देहरादून। उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में सोमवार को बादल फटने की भयावह आपदा के बाद राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को युद्ध स्तर पर सक्रिय कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के तहत स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से कई आपात व्यवस्थाएं लागू की हैं , ताकि घायलों को समय पर इलाज और राहत मिल सके।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम धराली रवाना

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि आपदा की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक उच्च स्तरीय टीम को धराली और आसपास के क्षेत्रों में भेजा गया है। इस टीम में **सर्जन, फिजीशियन, ऑर्थोपेडिक सर्जन और निश्चेतक विशेषज्ञ** शामिल हैं। इनका नेतृत्व गढ़वाल मंडल के निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कर रहे हैं, जिन्हें इस आपदा के लिए **नोडल अधिकारी** भी नियुक्त किया गया है।

अस्पतालों में आरक्षित किए गए बेड, सभी छुट्टियां रद्द

राज्य के सभी प्रमुख अस्पतालों को आदेश जारी कर दिए गए हैं कि वे **गंभीर रूप से घायल मरीजों के इलाज के लिए बेड आरक्षित रखें**। इसके साथ ही, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की **सभी छुट्टियां तत्काल प्रभाव से निरस्त** कर दी गई हैं। यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी जब तक स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं हो जाती।

दवाओं और सर्जिकल सामग्री की कमी नहीं होगी

स्वास्थ्य सचिव ने यह भी सुनिश्चित किया है कि राज्य के किसी भी अस्पताल में दवाओं, सर्जिकल सामग्री और जरूरी चिकित्सा उपकरणों की कोई कमी न हो। इन सभी संसाधनों को आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए पहले ही रिजर्व कर दिया गया है।

108 एंबुलेंस सेवा हाई अलर्ट पर

धराली और उसके आसपास के सभी प्रभावित क्षेत्रों में **108 एंबुलेंस सेवा को हाई अलर्ट** पर रखा गया है। इन एंबुलेंसों को प्राथमिक उपचार के साथ-साथ गंभीर रूप से घायलों को नजदीकी अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए तैनात किया गया है। इसके अलावा, **आसपास के जिलों से भी एंबुलेंस का समन्वय कर अधिकतम सेवाएं आपदा क्षेत्र में भेजी गई हैं**।

उत्तरकाशी में 24×7 आपात नियंत्रण कक्ष सक्रिय

आपदा प्रबंधन के तहत **उत्तरकाशी जिले में एक 24×7 सक्रिय आपात नियंत्रण कक्ष** की स्थापना कर दी गई है। यह नियंत्रण कक्ष राहत एवं बचाव कार्यों के साथ-साथ **चिकित्सकीय सेवाओं की निगरानी** करेगा और जिला प्रशासन, स्वास्थ्य कर्मियों, एंबुलेंस सेवा व अन्य एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करेगा।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई: स्वास्थ्य सचिव

डॉ. राजेश कुमार ने साफ कहा कि यह एक मानवीय त्रासदी है और इसमें **हर अधिकारी और कर्मचारी से संवेदनशीलता और तत्परता की अपेक्षा** की जाती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी स्तर पर **लापरवाही या शिथिलता** पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध **कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई** की जाएगी।

सरकार का उद्देश्य: हर जीवन की रक्षा

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सरकार का पहला उद्देश्य है – **हर पीड़ित व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सहायता मिले और कोई भी घायल इलाज के अभाव में ना रहे**। इसलिए इस त्रासदी को गंभीरता से लेते हुए सभी इंतजाम सुनिश्चित किए जा रहे हैं।

इस वक्त उत्तरकाशी और विशेष रूप से धराली क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के इन सक्रिय कदमों से राहत कार्यों में तेज़ी आने की उम्मीद है।

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