देहरादून। हरिद्वार में सामने आए कथित यौन शोषण और मानव तस्करी कांड को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में उबाल आ गया है। कांग्रेस ने इस मामले में भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि वह अपने रसूखदार नेताओं और अधिकारियों को बचाने की कोशिश कर रही है।
अनामिका शर्मा और प्रेमी तीन दिन की रिमांड पर
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व जिला अध्यक्ष अनामिका शर्मा और उसके प्रेमी सुमित पटवाल को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। जांच के दौरान आगरा के एक होटल रजिस्टर से तीन ऐसे नाम सामने आए हैं जो कथित रूप से प्रभावशाली नेता और वरिष्ठ अधिकारी हो सकते हैं।
16GB इलेक्ट्रॉनिक डेटा बना अहम सबूत
दसौनी ने दावा किया कि अनामिका के मोबाइल से बरामद 16GB डाटा इस रैकेट की परतें खोल सकता है। लेकिन उन्होंने आशंका जताई कि सरकार और प्रशासन इस अहम सबूत को मिटाने की कोशिश कर रहे हैं, ठीक उसी तरह जैसे अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी के नाम को दबाया गया था।
13 वर्षीय बेटी को ‘परोसने’ का आरोप
कांग्रेस प्रवक्ता ने पीड़िता के हवाले से बेहद गंभीर आरोप लगाए कि अनामिका शर्मा ने अपनी 13 वर्षीय बेटी को अपने प्रेमी और उसके दोस्तों के हवाले किया। दसौनी ने कहा कि यह अपराध न केवल समाज के लिए कलंक है, बल्कि यह दर्शाता है कि भाजपा राज में कानून व्यवस्था दम तोड़ रही है।
कांग्रेस की तीन बड़ी मांगें:
- मामले की जांच उत्तराखंड हाईकोर्ट की निगरानी में कराई जाए।
- बरामद 16GB इलेक्ट्रॉनिक डाटा को सार्वजनिक किया जाए।
- होटल रजिस्टर में दर्ज तीनों गुप्त नामों का खुलासा कर आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
“बेटी बचाओ” या “अपराधी बचाओ”?
दसौनी ने भाजपा की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा, “भाजपा की चुप्पी इस बात का प्रमाण है कि वह इस घिनौने अपराध में शामिल अपने लोगों को बचाने में लगी है।” उन्होंने कटाक्ष करते हुए पूछा, “क्या भाजपा की नीति ‘बेटी बचाओ’ है या ‘अपराधी बचाओ’?








