उत्तरकाशी। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने सोमवार को जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्रों धराली, हर्षिल और मुखबा का स्थलीय निरीक्षण किया। तेज बारिश के बीच उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी और राहत एवं सुरक्षा कार्यों की वस्तुस्थिति का जायजा लिया।
राज्यपाल ने पांच अगस्त को धराली-हर्षिल क्षेत्र में आई विनाशकारी आपदा से हुए नुकसान की जानकारी विस्तार से ली। उन्होंने आपदा प्रबंधन, राहत और पुनर्वास की प्रगति पर जिला प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों के अधिकारियों से बातचीत की।
मुखबा गांव में आपदा पीड़ित परिवारों से भेंट कर राज्यपाल ने भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार और प्रशासन पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों की मदद और पुनर्वास के लिए ठोस और दीर्घकालिक योजना तैयार की जाए, ताकि लोग जल्द ही सामान्य जीवन में लौट सकें।
राज्यपाल ने प्रभावित क्षेत्र में राहत और बचाव कार्य कर रही टीमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के बीच बेहतर समन्वय से कार्यों में तेजी आई है। विशेष रूप से उन्होंने **14 राजपूताना रेजीमेंट** के जवानों का उल्लेख किया, जिन्होंने खुद आपदा का सामना करने के बावजूद बचाव और राहत कार्यों में अहम योगदान दिया। राज्यपाल ने इसे मानवता और साहस की सच्ची मिसाल बताया।
इस निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक सरिता डोबाल, सीडीओ एस.एल. सेमवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। राज्यपाल ने कहा कि इस आपदा से प्रभावित हर परिवार तक सहायता पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और कोई भी परिवार उपेक्षित नहीं रहेगा।
राज्यपाल की इस संवेदनशील पहल से प्रभावित लोगों में भरोसा और उम्मीद जगी है। प्रशासन ने भी आश्वासन दिया कि सभी जरूरी मदद और पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।








