गोला(रामगढ़)।
भारत सरकार के विजन 2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में, केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने “नशा मुक्त भारत” का घोषणा पत्र 18 से 20 जुलाई 2025 तक वाराणसी स्थित रुद्राक्ष इंटरनेशनल एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित तीन दिवसीय युवा आध्यात्मिक सम्मेलन के दौरान जारी किया। यह घोषणा पत्र दो दिवसीय सतत चिंतन, संवाद और विचार-विमर्श का परिणाम था, जिसमें नशा प्रबंधन एवं रोकथाम के विशेषज्ञों, आध्यात्मिक संगठनों, और सामाजिक संस्थाओं के गहन सुझावों को शामिल किया गया।
इस राष्ट्रीय आयोजन में देशभर से चयनित 100 सामाजिक और आध्यात्मिक संगठनों के लगभग 500 प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने की। उन्होंने सभी संगठनों से अपील की कि वे नशा मुक्त भारत अभियान को जमीनी स्तर पर सक्रिय रूप से लागू करें। उन्होंने कहा कि “ये संगठन अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिष्ठित हैं और हज़ारों लोगों के जीवन को प्रभावित कर रहे हैं। यदि ये सरकार के साथ मिलकर कार्य करें, तो नशे के विरुद्ध भारत का युद्ध जल्द ही निर्णायक मोड़ पर पहुँच सकता है।”
◆झारखंड से पाँच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रहा शामिल
इस सम्मेलन में झारखंड से “हेल्पिंग इंडिया फीडिंग इंडिया” संस्था के चार सदस्य और “प्रयास फाउंडेशन” के संस्थापक रितेश केसरी ने प्रतिनिधित्व किया।
हेल्पिंग इंडिया फीडिंग इंडिया की ओर से नशामुक्ति अभियान को और सशक्त बनाने हेतु गाँवों में आसानी से उपलब्ध हानिकारक पेय पदार्थों पर रोक लगाने की मांग रखी गई।
◆जितेन्द्र भगतिया ने सुझाव देते हुए कहा:
“झारखंड में ‘हँड़िया’ जैसी लोकल राइस बियर का सेवन एक गंभीर सामाजिक चुनौती है, जो गरीब तबके को सस्ते में मिल जाती है लेकिन उनके स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक है।”
◆संस्था के संस्थापक अभिजीत कुमार ने कहा:
यह हमारे लिए गौरव का क्षण है। हम भारत सरकार के मार्गदर्शन में नशामुक्त भारत के लक्ष्य की पूर्ति हेतु हरसंभव योगदान देंगे।
◆रितेश केसरी ने कहा :-
कार्यक्रम के दौरान प्रयास फाउंडेशन के संस्थापक रितेश केसरी ने नशामुक्त भारत की दिशा में युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि आज का युवा यदि जागरूक हो जाए, तो न केवल अपना जीवन सुधार सकता है, बल्कि समाज में भी बदलाव ला सकता है। हमें नशे से मुक्ति को केवल एक नारा नहीं, बल्कि जनआंदोलन बनाना होगा।
उन्होंने यह भी आग्रह किया कि सरकार एवं सामाजिक संगठनों के बीच नियमित संवाद और सहयोग की व्यवस्था हो, ताकि नशा विरोधी अभियानों की पहुँच हर गाँव, हर गली तक हो सके।
◆इस ऐतिहासिक आयोजन में उपस्थित प्रमुख मंत्रीगण:
डॉ. मनसुख मांडविया – केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री (मुख्य अतिथि)
डॉ. वीरेंद्र कुमार – केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री
गजेंद्र सिंह शेखावत – केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री
नित्यानंद राय – केंद्रीय गृह राज्य मंत्री
रक्षा निखिल खड़से – केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री
गिरीश चंद्र यादव – उत्तर प्रदेश सरकार में खेल मंत्री
नितिन अग्रवाल – उत्तर प्रदेश सरकार में उत्पाद शुल्क एवं निषेध राज्य मंत्री
असीम अरुण – उत्तर प्रदेश सरकार में समाज कल्याण मंत्री
शिव प्रताप शुक्ला – हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल (विशिष्ट अतिथि)
यह सम्मेलन “नशा मुक्त युवा – विकसित भारत” के संकल्प के साथ समाप्त हुआ, जिसमें ‘काशी घोषणा पत्र’ और ‘काशी संकल्प’ जैसे दस्तावेज़ों के माध्यम से आने वाले वर्षों के लिए एक ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत की गई।








