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उत्तराखंड की लोक आस्था और धरोहर को जोड़ने निकल रही है गोल्ज्यू संदेश यात्रा—जानिए पूरा रूट

पौड़ी गढ़वाल। सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और जन-जागरूकता के उद्देश्य से  अपनी धरोहर न्यास  द्वारा आयोजित बहुप्रतीक्षित  गोल्ज्यू संदेश यात्रा इस वर्ष 19 अप्रैल से 9 मई तक आयोजित की जाएगी। यात्रा 25 अप्रैल को  देवप्रयाग  स्थित  रघुनाथ मंदिर  से होते हुए जनपद में प्रवेश करेगी।

यात्रा की तैयारियों को लेकर रविवार को नगरपालिका सभागार में न्यास की जिला इकाई की बैठक आयोजित की गई, जिसमें स्वागत, आवास, सुरक्षा और जनसहभागिता सहित विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता न्यास के केंद्रीय अध्यक्ष  विजय भट्ट  ने की।

उन्होंने बताया कि गोल्ज्यू देवता उत्तराखंड की लोकआस्था के प्रमुख देवताओं में से एक हैं और उनकी परंपरा व सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए यह यात्रा हर तीसरे वर्ष आयोजित की जाती है। इस बार यात्रा की शुरुआत गोल्ज्यू देवता की जन्मस्थली **चंपावत** से होगी और लगभग 3500 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए प्रदेश के विभिन्न जिलों में सांस्कृतिक संदेश पहुंचाएगी।

बैठक के दौरान यात्रा के आधिकारिक पोस्टर का भी विधिवत विमोचन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकता को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम है। यात्रा के माध्यम से लोगों को अपनी जड़ों से जुड़ने और पारंपरिक धरोहर को संरक्षित रखने का संदेश दिया जाएगा।

इस अवसर पर प्रदेश सचिव  कमल किशोर डिमरी , प्रदेश मंत्री सुरेंद्र सिंह, प्रमोद उनियाल, प्रदेश संयोजक नीलम जुयाल सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने यात्रा को सफल बनाने के लिए व्यापक जनसहयोग की अपील की।

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