प्रधानमंत्री मोदी का बिहार दौरा: मोतिहारी से विकास परियोजनाओं की सौगात
मोतिहारी: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में 7,200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की शुरुआत की। उनके आगमन पर भव्य स्वागत किया गया और उन्हें शॉल व स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनका गर्मजोशी से स्वागत करते हुए बिहार पधारने के लिए आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, कई केंद्रीय मंत्री व अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि 24 नवंबर 2005 को जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (यूनाइटेड) ने मिलकर सरकार बनाई थी, उस समय बिहार की स्थिति बहुत दयनीय थी। पूर्ववर्ती सरकारों में विकास की कोई दिशा नहीं थी और संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं हो रहा था। लेकिन बीते दो दशकों में लगातार दोनों दलों की संयुक्त सरकार ने राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य किया है।
प्रधानमंत्री मोदी की घोषणाएं और परियोजनाएं
प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान चार नई अमृत भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई, जिनमें ये प्रमुख मार्ग शामिल हैं:
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राजेंद्र नगर (पटना) से नई दिल्ली
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बापूधाम मोतिहारी से आनंद विहार टर्मिनल (दिल्ली)
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दरभंगा से लखनऊ (गोमती नगर)
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मालदा टाउन (भागलपुर मार्ग से) से लखनऊ (गोमती नगर)
इन ट्रेनों के शुभारंभ से बिहार की कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं में सुधार होगा। साथ ही, कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया गया।
रेल परियोजनाओं की रूपरेखा:
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समस्तीपुर-बछवारा खंड में स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली की शुरुआत की गई, जिससे ट्रेन सेवाएं अधिक प्रभावी और सुरक्षित होंगी।
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दरभंगा-थलवारा और समस्तीपुर-रामभद्रपुर खंडों का दोहरीकरण किया जाएगा, जिसकी लागत 580 करोड़ रुपये से अधिक है।
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पाटलिपुत्र में वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव हेतु इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा।
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भटनी-छपरा ग्रामीण मार्ग (114 किमी) पर स्वचालित सिग्नलिंग व्यवस्था स्थापित की जाएगी, जिससे ट्रेन संचालन अधिक सुव्यवस्थित होगा।
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भटनी-छपरा खंड में ट्रैक्शन सिस्टम का उन्नयन किया जाएगा, जिससे ट्रेनों की गति में वृद्धि संभव होगी।
इसके अतिरिक्त, लगभग 4,080 करोड़ रुपये की लागत से दरभंगा-नरकटियागंज रेल लाइन परियोजना की शुरुआत भी की गई। इस परियोजना के माध्यम से उत्तर बिहार की रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया जाएगा।
प्रधानमंत्री का बिहार प्रेम
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि यह प्रधानमंत्री मोदी का 2014 के बाद से 53वां बिहार दौरा है, जो राज्य के प्रति उनकी विशेष प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित परियोजनाएं न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगी बल्कि रोजगार सृजन, आर्थिक विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी बढ़ावा देंगी।








