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माइनस 12 डिग्री में ठिठुरा गंगोत्री धाम, बर्फबारी न होने से बागवानों की बढ़ी चिंता

देहरादून। उत्तरकाशी जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम इन दिनों भीषण ठंड की चपेट में है। हैरानी की बात यह है कि अब तक यहां इस मौसम में बर्फबारी नहीं हुई है, लेकिन इसके बावजूद ठंड का प्रकोप इतना अधिक है कि छोटी-बड़ी सभी नदियां और नाले पूरी तरह पाले से जम गए हैं। बारह महीने पानी से लबालब रहने वाली नदियां अब बर्फ की मोटी परतों में तब्दील हो चुकी हैं।

गंगोत्री धाम और गोमुख ट्रैक क्षेत्र में तापमान लगातार माइनस में बना हुआ है। इन दिनों न्यूनतम तापमान माइनस 11 से 12 डिग्री सेल्सियस तक गिर रहा है, जबकि अधिकतम तापमान भी शून्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है। अत्यधिक ठंड के कारण भागीरथी नदी में बेहद कम मात्रा में पानी बह रहा है और नदी का अधिकांश हिस्सा पाले की कई इंच मोटी परत से ढका हुआ है।

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, केवल भागीरथी ही नहीं, बल्कि केदार गंगा, ऋषिकुर नाला, पागल नाला और चीड़बासा नाला जैसे अन्य प्रमुख जल स्रोत भी पूरी तरह जम चुके हैं। पाले की परतों ने पूरे क्षेत्र को सफेद चादर में ढक दिया है, जिससे प्राकृतिक दृश्य तो आकर्षक लग रहा है, लेकिन हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।

बर्फबारी न होने से सेब बागवानों और अन्य काश्तकारों की चिंता बढ़ गई है। बागवानों का कहना है कि समय पर पर्याप्त बर्फ न गिरने से सेब की फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है, जिससे आगामी सीजन में उत्पादन घटने की आशंका है। ठंड तो पड़ रही है, लेकिन बर्फ की कमी से मिट्टी को जरूरी नमी नहीं मिल पा रही है।

कनखू बैरियर इंचार्ज राजवीर रावत ने बताया कि इस सीजन में अब तक गंगोत्री धाम में बर्फबारी नहीं हुई है, लेकिन तापमान में लगातार गिरावट के चलते नदी-नाले पूरी तरह जम चुके हैं। बावजूद इसके, गंगोत्री क्षेत्र में करीब 25 साधु साधना में लीन हैं। इनके साथ गंगोत्री नेशनल पार्क के छह कर्मचारी, पुलिस के दो जवान और गंगोत्री मंदिर समिति के कर्मचारी भी ड्यूटी पर तैनात हैं।

कुल मिलाकर गंगोत्री धाम में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज श्रद्धालुओं, किसानों और प्रशासन—तीनों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

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