देहरादून। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तरांचल विश्वविद्यालय में दो दिवसीय किसान मेला एवं कृषि औद्योगिक प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर और अटल कम्यूनिटी इनोवेशन सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
मेले का विषय ‘विकसित कृषि, आत्मनिर्भर भारत’ रखा गया, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से किसान, कृषि वैज्ञानिक, विषय विशेषज्ञ और छात्र बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी उपस्थित रहे, जबकि समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जितेन्द्र जोशी ने की।
मेले में राज्य के विभिन्न विभागों, बैंकों और कृषि कंपनियों सहित 100 से अधिक संस्थानों ने अपने स्टॉल लगाए। इन स्टॉलों पर उन्नत बीज, मिट्टी परीक्षण, जैविक खेती, पशुपालन, बागवानी, कृषि यंत्रों और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी नवीनतम तकनीकों और योजनाओं की जानकारी किसानों को दी गई। इससे किसानों को नई तकनीकों को समझने और अपनाने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के दौरान मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड का विमोचन भी किया गया और एक किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों और कृषि विशेषज्ञों ने खेती से जुड़ी समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की।
इस अवसर पर पांच प्रगतिशील किसानों—अंकित, ममता भट्ट, विनिता, नारायण सिंह और कांता देवी—को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि “यदि किसान मजबूत है तो देश भी मजबूत होगा।” उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने और वैज्ञानिक खेती की ओर बढ़ने का आह्वान किया, ताकि कृषि क्षेत्र में उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि हो सके।








